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जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र की वेबसाइट हैक
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मेरठ। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की वेबसाइट हैक हो गई है। जिसके कारण व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जन्म और मृत्यु प्रमाण बनवाने के लिए लगभग पांच हजार आवेदनों का ढेर लग गया है। लोग रोज चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। 24 दिन से निगम प्रशासन सीएमओ और निदेशालय के संपर्क में है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वेबसाइट हैक करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
महानगर में जन्मे और मरने वालों का प्रमाण पत्र नगर निगम से बनवाया जाता है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बनाए गए प्रमाण पत्र कहीं पर मान्य नहीं हैं। बगैर जन्म प्रमाण पत्रों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश भी नहीं मिलता है। नगर निगम में प्रतिदिन 200 आवेदन प्रमाण पत्र के लिए पहुंचते हैं। 31 जनवरी से पहले नगर निगम की वेबसाइट पर जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाते थे। जिसका संचालन उप्र सरकार के माध्यम से किया जाता था। एक फरवरी से केंद्र सरकार ने पूरे देश में जन्म प्रमाण पत्र एक जैसा प्रपत्र और एक वेबसाइट जारी की है। जिसके संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। वेबसाइट संचालन के लिए नगर निगम को पासवर्ड की जरूरत है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य निदेशालय से दो बार पासवर्ड जारी हो चुका है। जैसे ही नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी पासवर्ड का इस्तेमाल शुरू करते हैं तो दो से तीन घंटे के बाद ही पासवर्ड हैक कर लिया जाता है। जिसके कारण वेबसाइट नहीं चल रही है। नगर निगम में प्रतिदिन कर्मचारी और जनता के बीच नोकझोंक चल रही है।
सीएमओ को दी जानकारी
वेबसाइट को कुछ लोगों ने हैक कर लिया है। इसकी शिकायत लिखित में सीएमओ और स्वास्थ्य निदेशालय लखनऊ को दी है। नगर आयुक्त को भी वेबसाइट हैक किए जाने से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने हैकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय से नया पासवर्ड मांगा है। - डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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निर्धारित समय में प्रमाणपत्र बनने जरूरी
किसी भी स्कूल में बच्चे का दाखिला कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। वेबसाइट बंद होने के कारण बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। जिसको लेकर अभिभावक परेशान हैं। वेबसाइट बंद होने के कारण प्रमाण पत्र न मिलने का खामियाजा भविष्य में भी जनता को ही भरना पड़ेगा। क्योंकि जन्म के बाद एक निर्धारित समय सीमा के अंदर बने जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत स्कूलों में होती है।
नगर निगम के पास है आईडी
स्वास्थ्य विभाग की आईडी नगर निगम के पास है। वहीं से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बन रहे हैं। मुझे पता चला है कि कोई उनकी आईडी बदल देता है। मैंने निगम अधिकारियों से कहा था कि वे साइबर सेल में शिकायत करें, तो हैक करने वाले का पता चल जाएगा। - डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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महानगर में जन्मे और मरने वालों का प्रमाण पत्र नगर निगम से बनवाया जाता है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बनाए गए प्रमाण पत्र कहीं पर मान्य नहीं हैं। बगैर जन्म प्रमाण पत्रों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश भी नहीं मिलता है। नगर निगम में प्रतिदिन 200 आवेदन प्रमाण पत्र के लिए पहुंचते हैं। 31 जनवरी से पहले नगर निगम की वेबसाइट पर जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाते थे। जिसका संचालन उप्र सरकार के माध्यम से किया जाता था। एक फरवरी से केंद्र सरकार ने पूरे देश में जन्म प्रमाण पत्र एक जैसा प्रपत्र और एक वेबसाइट जारी की है। जिसके संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। वेबसाइट संचालन के लिए नगर निगम को पासवर्ड की जरूरत है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य निदेशालय से दो बार पासवर्ड जारी हो चुका है। जैसे ही नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी पासवर्ड का इस्तेमाल शुरू करते हैं तो दो से तीन घंटे के बाद ही पासवर्ड हैक कर लिया जाता है। जिसके कारण वेबसाइट नहीं चल रही है। नगर निगम में प्रतिदिन कर्मचारी और जनता के बीच नोकझोंक चल रही है।
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सीएमओ को दी जानकारी
वेबसाइट को कुछ लोगों ने हैक कर लिया है। इसकी शिकायत लिखित में सीएमओ और स्वास्थ्य निदेशालय लखनऊ को दी है। नगर आयुक्त को भी वेबसाइट हैक किए जाने से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने हैकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय से नया पासवर्ड मांगा है। - डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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निर्धारित समय में प्रमाणपत्र बनने जरूरी
किसी भी स्कूल में बच्चे का दाखिला कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। वेबसाइट बंद होने के कारण बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। जिसको लेकर अभिभावक परेशान हैं। वेबसाइट बंद होने के कारण प्रमाण पत्र न मिलने का खामियाजा भविष्य में भी जनता को ही भरना पड़ेगा। क्योंकि जन्म के बाद एक निर्धारित समय सीमा के अंदर बने जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत स्कूलों में होती है।
नगर निगम के पास है आईडी
स्वास्थ्य विभाग की आईडी नगर निगम के पास है। वहीं से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बन रहे हैं। मुझे पता चला है कि कोई उनकी आईडी बदल देता है। मैंने निगम अधिकारियों से कहा था कि वे साइबर सेल में शिकायत करें, तो हैक करने वाले का पता चल जाएगा। - डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी