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Meerut News: जन्म-मृत्यु पंजीकरण में बढ़ा शुल्क, अब नई नियमावली से प्रमाण पत्र बनेंगे

Mon, 10 Aug 2026 09:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 09:27 PM IST
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Birth and death registration fees hiked; certificates to be issued under new regulations.
निगम ने पहले दिन बनाई व्यवस्था, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होंगे
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फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नई नियमावली के तहत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में बढ़ा शुल्क लेना नगर निगम मेरठ ने सोमवार से शुरू कर दिया हैं। 21 दिन के अंतराल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निशुल्क जारी होगा, जबकि उससे आगे समय बढ़ने के साथ-साथ आवेदन में पैसा लगेगा। दो साल बीतने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए नई नियमावली का पालन करना अनिवार्य होगा। मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही प्रमाण पत्र जारी होंगे।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में नियमावली-2026 में बदलाव हुआ है। 21 दिन के बाद 30 दिन के अंदर 20 रुपये प्रमाण पत्र के लिए शुल्क लिया जाएगा, जोकि अभी तक सिर्फ दो ही रुपये था। 30 दिन से एक साल के अंदर जन्म या मृत्यु होने पर प्रमाण पत्र का शुल्क पांच रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है। एक साल से दो साल तक प्रमाण पत्र जारी करने में 150 रुपये देना होगा। दो साल के बाद मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना होगा। निगम और आवेदक को कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होंगे। सभी प्रक्रिया के बाद ही प्रमाण पत्रों को जारी किया जाएगा।
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भारत सरकार का गजट पास होने के बाद छह अगस्त 2026 को प्रदेश से सभी 17 नगर निगम को नई नियमावली का ये पत्र पहुंच गया था। सोमवार से यह प्रक्रिया मेरठ नगर निगम ने शुरू कर दी है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार का कहना कि इन कड़े नियमों का मुख्य उद्देश्य जन्म-मृत्यु की घटना का समय पर और सही ढंग से पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इससे फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने की आशंका पर भी अंकुश लगेगा।
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कोर्ट की प्रक्रिया अनिवार्य
जन्म-मृत्यु की घटना को दो साल से अधिक समय हो गया है और अभी तक उसका पंजीकरण नहीं कराया गया है तो अब प्रक्रिया पहले की थोड़ी कठिन हो गई हैं। आवेदकों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना होगा। मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की जांच और आवश्यक तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आदेश जारी किया जाएगा। उसके बाद ही नगर निगम में संबंधित जन्म-मृत्यु का पंजीकरण हो सकेगा और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


स्कूल दाखिले और पासपोर्ट में प्रमाण पत्र अहम
जन्म प्रमाण पत्र बच्चों के स्कूल में दाखिले, आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने जैसे कई महत्वपूर्ण सरकारी और प्रशासनिक कार्यों के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक खाते, बीमा, पेंशन, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी कार्यों के निपटारे के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रमाण पत्र बनवाने में होने वाली देरी भविष्य में परिवार के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
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