Biparjoy Cyclone: गुजरात में भयंकर तूफान के बीच फंसे दो परिवार सुरक्षित मेरठ लौटे, ली राहत की सांस
गुजरात में बिपरजॉय तूफान के बीच फंसे मेरठ के दो परिवार सुरक्षित घर लौटे तो राहत की सांस ली। दोनों परिवार सोमनाथ और द्वारिका दर्शन के लिए गए थे, लेकन वहां तूफान के बीच फंस गए थे।
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गुजरात में बिपरजॉय तूफान के बीच खतरनाक सफर पूरा कर मेरठ के दो परिवार गुरुवार देर रात यहां सुरक्षित लौट आए। सोमनाथ और द्वारिका दर्शन के लिए शहर निवासी दो पुस्तक विक्रेता आशीष धस्माना और संजय अग्रवाल परिजन संग गुजरात गए थे। गनीमत रही कि भयंकर तूफान के बीच सभी लोग सकुशल लौट आए। तूफान के दौरान हवाई और रेलमार्ग बाधित होने के बाद दो गाड़ियों में आंधी और बारिश के बीच इन लोगों ने राजकोट से अहमदाबाद तक का सफर 28 घंटे में तय किया।
आशीष और संजय सहित सात सदस्य 9 जून को द्वारिका, सोमनाथ और नागेश्वर के दर्शन के लिए गुजरात पहुंचे। 12 जून को वे लोग भेंट द्वारिका में थे। संजय ने बताया कि तेज हवाएं चलने लगीं तो सभी को रोक दिया गया।
बाद में तेज लहर और बारिश के बीच कश्ती में पूरा परिवार जैसे-तैसे द्वारिका पहुंचा। द्वारिका जी से लौटते हुए सोमनाथ पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य विभागों की टीम टीन शेड और अस्थाई निर्माणों को हटा रही थी।
उन्होंने बताया कि उनके अलावा रंजना, योगिता, चिराग, आस्था, नंदनी, अनन्या अग्रवाल आदि का दमनद्वीव और गिर फोरेस्ट जाने का प्लान था। इसे रद्द करना पड़ा। तूफान के कारण परिवार एक रिजॉर्ट में रुका। 15 जून को राजकोट से वापसी की फ्लाइट थी। राजकोट पहुंचे तो हवाई सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। रेल मार्ग भी बाधित हो गया। मोबाइल नेटवर्क तक ने काम नहीं किया।
दोनों परिवार किसी तरह कार बुक कर अहमदाबाद के लिए रवाना हुए। यहां भी एयरपोर्ट बंद होने से पहले अंतिम फ्लाइट उन्हीं की रही। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे रास्ते सीट बेल्ट बांधने सहित अन्य हिदायतें लगातार दी जाती रहीं। मुश्किल सफर के बाद यहां सुरक्षित पहुंचे तो राहत की सांस ली।