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बिजली के दम पर मिशन 2017 फतह की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:57 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सपा ने ‘ऑपरेशन सरकार रिपीट’ के तहत तमाम योजनाओं के साथ ही बिजली को प्राथमिकता में रखा है। सीएम द्वारा विजन 2016 के तहत अक्तूबर से शहरों को 24 और गांवों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति की तैयारी चल रही है। पीवीवीएनएल में योजना के तहत जहां करीब 3900 करोड़ रुपये खपाए जा रहे हैं वहीं केंद्र सरकार की डीडीयूजीजेवाय और आईपीडीएस योजना में 3627 करोड़ रुपये के टेंडर किए जा चुके हैं। जल्द ही इस योजना में चयनित कार्यों की शुरूआत हो जाएगी।
अब तक की सभी सरकारों के लिए प्रदेश में बिजली का मुद्दा ज्वलंत रहा है। विपक्षी दल विकास के साथ ही बिजली मुद्दे को भी सरकार के खिलाफ हथियार बनाते रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सपा सरकार पहले से ही इस मसले पर गंभीरता दिखाती रही है। दो साल पहले सीएम अखिलेश यादव ने यूपीपीसीएल को विजन 2016 के तहत गांवों को 16 और शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया था।
प्रदेश की सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाले पीवीवीएनएल को 3900 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस धनराशि से जहां 33 केवी के नए सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं, वहीं ओवरलोड बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। पुरानी जर्जर लाइनों और खंभों को बदलने के साथ ही विद्युत विहीन गांवों और मजरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। मार्च से गांवों को 14 घंटे, तहसील मुख्यालय को 16 घंटे, जिला मुख्यालय को 20 घंटे और मंडल मुख्यालय को 22 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी कर दिया था। इसी के तहत लखनऊ कंट्रोल से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह अलग बात है कि ओवरलोड पावर सिस्टम की वजह से उपलब्ध कराई जा रही बिजली उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रही है।
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अब केंद्र सरकार से मिले धन से सुदृढ़ होगा पावर सिस्टम
केंद्र सरकार ने गांवों के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाय) और शहरों के लिए आईपीडीएस योजना की शुरूआत की है। पीवीवीएनएल को डीडीयूजीजेवाय योजना में 2149 करोड़ और आईपीडीएस योजना में 1478 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों योजनाओं में 33 केवी से नए सब स्टेशन, ओवरलोड सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं अन्य विद्युत कार्य किए जाएंगे।
अक्तूबर से 24 घंटे आपूर्ति की तैयारी
सीएम के अक्तूबर से शहरों को 24 और गांवों को 16 घंटे आपूर्ति आदेश के बाद मुख्य सचिव दीपक सिंघल अलर्ट हो गए हैं। सिंघल खुद योजनाओं पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी डिस्कॉम को चल रहे कार्य अक्तूबर से पहले पूरे करने का लक्ष्य दिया है।
अब तक की सभी सरकारों के लिए प्रदेश में बिजली का मुद्दा ज्वलंत रहा है। विपक्षी दल विकास के साथ ही बिजली मुद्दे को भी सरकार के खिलाफ हथियार बनाते रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सपा सरकार पहले से ही इस मसले पर गंभीरता दिखाती रही है। दो साल पहले सीएम अखिलेश यादव ने यूपीपीसीएल को विजन 2016 के तहत गांवों को 16 और शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया था।
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प्रदेश की सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाले पीवीवीएनएल को 3900 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस धनराशि से जहां 33 केवी के नए सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं, वहीं ओवरलोड बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। पुरानी जर्जर लाइनों और खंभों को बदलने के साथ ही विद्युत विहीन गांवों और मजरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। मार्च से गांवों को 14 घंटे, तहसील मुख्यालय को 16 घंटे, जिला मुख्यालय को 20 घंटे और मंडल मुख्यालय को 22 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी कर दिया था। इसी के तहत लखनऊ कंट्रोल से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह अलग बात है कि ओवरलोड पावर सिस्टम की वजह से उपलब्ध कराई जा रही बिजली उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रही है।
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अब केंद्र सरकार से मिले धन से सुदृढ़ होगा पावर सिस्टम
केंद्र सरकार ने गांवों के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाय) और शहरों के लिए आईपीडीएस योजना की शुरूआत की है। पीवीवीएनएल को डीडीयूजीजेवाय योजना में 2149 करोड़ और आईपीडीएस योजना में 1478 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों योजनाओं में 33 केवी से नए सब स्टेशन, ओवरलोड सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं अन्य विद्युत कार्य किए जाएंगे।
अक्तूबर से 24 घंटे आपूर्ति की तैयारी
सीएम के अक्तूबर से शहरों को 24 और गांवों को 16 घंटे आपूर्ति आदेश के बाद मुख्य सचिव दीपक सिंघल अलर्ट हो गए हैं। सिंघल खुद योजनाओं पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी डिस्कॉम को चल रहे कार्य अक्तूबर से पहले पूरे करने का लक्ष्य दिया है।