जेल भरो आंदोलन की तैयारी में भीम आर्मी, 'रावण' की रिहाई के लिए जुटे हजारों लोग
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सहारनपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के मैदान पर एससी/एसटी/ओबीसी एवं अल्पसंख्यक महा सम्मेलन में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की रिहाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। वक्ताओं ने कहा कि दस माह से जेल में बंद चंद्रशेखर की जल्द रिहाई नहीं की गई तो देशभर में जेल भरो आंदोलन चलाएंगे।
सम्मेलन में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने कहा कि आरएसएस की मनुवादी मानसिकता, सामंतवादी, ब्राह्मणवादी और पूंजीवाली व्यवस्था को जनता नकार चुकी है। आरोप लगाया कि प्रशासन ने शासन के इशारे पर चंद्रशेखर को बिना किसी ठोस सबूत के रासुका के तहत जेल में डाला गया है। मनमाने तरीके से चंद्रशेखर पर रासुका का समय लगातार बढ़ाया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि चंद्रशेखर को रिहा नहीं किया गया तो देशव्यापी जेल भरो आंदोलन होगा। इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जेल में चंद्रशेखर की जान को खतरा भी बताया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत सिंह ने कहा कि प्रशासन चंद्रशेखर को अन्य जनपद की जेल में शिफ्ट करने की तैयारी में है। यदि ऐसा हुआ तो भीम आर्मी देश व्यापी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। कहा कि देश की आबादी करीब 130 करोड़ है। इनमें 80 फीसदी एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक हैं। यदि सरकार उनका उत्पीड़न करेगी तो नतीजे बुरे होंगे। जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि भीम आर्मी एक सामाजिक संगठन है, जो कानून को मानने वाला संगठन है। मगर लगातार शासन और प्रशासन इसी संगठन के पदाधिकारियों का उत्पीड़न कर रहा है। सम्मेलन में सहारनपुर के साथ ही हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश तक के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में पहुंचे लोगों में काफी संख्या महिलाओं की भी रही। ज्यादातर कार्यकर्ताओं के हाथों में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और चंद्रशेखर के फोटो थे। दोपहर एक बजे शुरू हुआ महा सम्मेलन शाम पांच बजे तक चला। हालांकि प्रशासन ने चार बजे तक ही अनुमति दी थी। मगर भीड़ अधिक होने की वजह से पुलिस चार बजे सम्मेलन को बंद नहीं करा सकी। मंच पर चंद्रशेखर की मां और भाई के अलावा रघुवीर सिंह बौद्घ, डॉ. सतीश प्रकाश, एसआर दारापुरी, पृथ्वीराज, माधव पंवार, डॉ. सुशील गौतम, संजय तेगवाल, सन्नी गौतम, अजय गौतम, रविराज गौतम, राजन गौतम, रालोद के जिलाध्यक्ष राव केसर, अशोक, प्रदीप कुमार, अर्चना सिंह, संजीव माथुर आदि भी मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान एसपी सिटी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पूरे पंडाल के चारों ओर पुलिस बल तैनात रहा।
पूर्व डीजीपी, अधिवक्ता और प्रोफेसर भी हुए शामिल
भीम आर्मी के कार्यक्रम में दो पूर्व डीजीपी भी शामिल रहे, जिन्होंने मंच पर अपनी बात भी रखी। इनमें यूपी के पूर्व डीजीपी एसआर दारापुरी और हिमाचल के पूर्व डीजीपी पृथ्वीराज शामिल रहे। महाराष्ट्र से अधिवक्ता और प्रदेश प्रभारी माधव पंवार, दिल्ली से अधिवक्ता और प्रदेश प्रभारी सुरजीत सिंह ने शिरकत की। मेरठ कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. सतीश प्रकाश, मेरठ से ही डॉ. सुशील गौतम, दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. सरोज गिरि, दिल्ली से ही संजीव माथुर, दिल्ली से ही अर्चना सिंह भी अपने साथियों के साथ पहुंची थीं। इनके अलावा उत्तराखंड से प्रदेश प्रभारी महक सिंह, हरियाणा से प्रदेश प्रभारी पृथ्वीराज ने अपने साथियों के साथ सम्मेलन में शिरकत की और अपनी बात रखी।
जमीयत उलमा ए हिंद ने भी की शिरकत
सम्मेलन के लिए जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरशद मदनी को भी निमंत्रण भेजा गया था। मगर व्यस्तता के चलते वह शरीक नहीं हो सके, मगर उन्होंने अपने प्रतिनिधि के तौर पर मुफ्ती अहमद को भेजा। उन्हें मंच पर आसीन किया गया। मुफ्ती अहमद ने बुलावे के लिए भीम आर्मी का आभार जताया और अन्याय के खिलाफ हर लड़ाई में भीम आर्मी को हर तरह से सपोर्ट करने का ऐलान किया। उन्होंने सम्मेलन में अरशद मदनी का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।
भाजपा पर जमकर बरसे वक्ता
सम्मेलन को संबोधित करने वाले लगभग सभी वक्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकारों पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं ने भाजपा राज में जंगलराज होने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा सरकार में दलितों और मुस्लिमों का सबसे अधिक उत्पीड़न हुआ है। इतना ही नहीं, वक्ताओं ने बिना नाम लिए बसपा सुप्रीमो मायावती और बसपा के नेताओं पर भी भड़ास निकाली और समाज को बेचने वाली पार्टी करार दिया।
बीएसएफ के परिवार का नाम तक नहीं
भीम आर्मी का कार्यक्रम चंद्रशेखर की रिहाई और बीएसएफ जवान के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने पर आधारित था। मगर सभी वक्ताओं ने चंद्रशेखर के लिए तो आवाज उठाई, मगर बीएसएफ के जवान और उसके पीड़ित परिवार का कहीं जिक्र तक नहीं हुआ।
महापुरुषों के बीच फूलन देवी का भी फोटो
सम्मेलन के लिए मैदान पर टेंट लगा था, जिस पर चारों ओर महापुरुषों के फोटो लगाए गए थे। इन महापुरुषों में महात्मा गौतम बुद्ध, संत गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि, गुरु नानक देव, संत कबीर दास, नारायण गुरु, सूबेदार रामजी सकपाल, डॉ. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फूले, शहीदे आजम भगत सिंह, अशफक उल्ला खान, पोरियर, वीर उधम सिंह, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, छत्रपति शाहूजी महाराज, वीरांगना झलकारी बाई, कांशीराम, वीर बिरसा मुंडा शामिल रहे। साथ ही रोहित वेमुला का फोटो भी इनके साथ लगा था। सबसे खास बात यह रही कि इन महापुरुषों में फूलन देवी का चित्र भी रहा।
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