भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर हिरासत में, तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली रेफर, समर्थकों ने किया हंगामा
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बिना अनुमति के रैली निकाल रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को देवबंद के ग्राम कासिमपुरा में पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर समेत कई पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। जिस पर कार्यकर्ता भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। पुलिस से नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद चंद्रशेखर की तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने चंद्रशेखर को अन्य पदाधिकारियों के साथ मेरठ के आनंद अस्पताल में भेज दिया, जहां से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया है। देर शाम पुलिस ने चंद्रशेखर सहित आठ लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा सोमवार को संत रविदास छात्रावास से बिना अनुमति के बहुजन हुंकार रैली निकाली थी, जबकि पुलिस दावा करती रही कि रैली नहीं निकाली। भीम आर्मी सहारनपुर से रैली निकालते हुए देवबंद के कासिमपुरा तक जा पहुंची और वहां रात्रि विश्राम किया। रात्रि प्रवास के दौरान लोग उनसे मुलाकात करने के लिए गांव में पहुंच रहे थे। देर रात्रि तक कासिमपुरा में भीड़ लगी रही।
वहीं मंगलवार सुबह बिजनौर से बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी की सचेता, डॉ. मसूद, जामिया मिल्लिया दिल्ली के छात्र नेता फरहान समेत आसपास जनपदों से कार्यकर्ता भी पहुंच गए। दोपहर में भीम आर्मी ने फिर से रैली शुरू कर मुजफ्फनगर की ओर जाने की तैयारी की। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को जब गांव में भीड़ जुटने और चंद्रशेखर एवं कार्यकर्ताओं के साथ शहर में दारुल उलूम के रास्ते रैली निकाले जाने की जानकारी मिली, तो पुलिस फोर्स के साथ कामिसपुरा गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए चंद्रशेखर को यात्रा निकाले जाने से रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान कार्यकर्ता पुलिस अधिकारियों को अनदेखा कर बाइकों से मुजफ्फरनगर जाने के लिए हाईवे पर पहुंच गए। चंद्रशेखर ने अधिकारियों से कहा कि उनके पास रैली निकाले जाने की अनुमति है। इस बात को लेकर चंद्रशेखर एवं अन्य पदाधिकारियों की पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने करीब 2.30 बजे चंद्रशेखर एवं कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया और ट्रक में बैठा दिया।
चंद्रशेखर को हिरासत में लिए जाने पर कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने पुलिस, प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। दर्जनों महिलाएं गिरफ्तारी का विरोध करते हुए सड़क पर लेट गईं। एएसपी अंकुर अग्रवाल, एसडीएम राकेश कुमार, सीओ अजेय शर्मा और इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह लोगों को समझाने लगे। इसी दौरान अचानक चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गई, जिससे अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए।
उन्होंने आनन-फानन में जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों को बुलाकर जांच कराई तो चंद्रशेखर का बीपी 200 के पार निकला। तुरंत ही अधिकारियों ने एंबुलेंस बुलाकर चंद्रशेखर को मेरठ के लिए रवाना कर दिया। बाद में लोगों को समझाकर जाम खुलवाया गया।
सीओ अजेय शर्मा ने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन के चलते चंद्रशेखर को जुलूस निकाले जाने से रोका जा रहा था। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की जाएगी। उधर, मेरठ में देर शाम चिकित्सकों ने चंद्रशेखर को दिल्ली रेफर कर दिया।
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