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चंद्रशेखर ने मोदी-योगी को बताया दलित विरोधी, किया ये बड़ा ऐलान

Sat, 01 Dec 2018 08:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 01 Dec 2018 08:54 PM IST
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Bhim Army chief Chandra Sekhar said Modi and Yogi are anti Dalit
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलित विरोधी हैं। इनकी सरकारों में ही निर्दोष दलितों को रासुका में बंद किया गया है। प्रशासन ने इन्हीं के इशारे पर दलितों पर गोलियां चलवाई, जिसमें एक दलित की मौत हुई। पीड़ित परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला है। इनकी रिहाई के लिए भीम आर्मी पूरे देश में आंदोलन करेगी।  

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दो अप्रैल को दलित आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में जेल में बंद दलितों की रिहाई की मांग को लेकर भीम आर्मी ने शनिवार को मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा दलित विरोधी है। भीम आर्मी के कार्यकर्ता इस बात को खुलकर बोलें। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के इशारे पर ही निर्दोष दलितों पर जुल्म ढहाए गए। 
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उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को दलितों ने शांतिप्रिय तरीके से आंदोलन किया। आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर में पुलिस ने दलितों पर खुद गोलियां चलाई। हमारे एक साथी की मौत हो गई, जिसके परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला है। हमारे निर्दोष लोगों को को जेल में ठूंस दिया गया। तीन लोगों पर रासुका भी लगा दी गई। हमारे ही कार्यकर्ता की मौत हुई, हमारे ऊपर ही गोलियां चलाई गई और हमारे ही लोगों को जेल में ठूंस दिया गया। कहा कि दलित समाज के जेल में बंद लोगों को प्रशासन ने नहीं छोड़ा तो पूरे देश में भीम आर्मी आंदोलन चलाएगी। इसकी शुरुआत यहीं से हो गई है। इस अवसर पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त आलोक कुमार को दिया गया।

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वहीं ज्ञापन में हिंसा के दौरान झूठे एवं फर्जी मुकदमों में जेलों में डाले गए दलित समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तत्काल रिहा करने, निर्दोषों से रासुका हटाने, प्रशासनिक हिंसा में मरने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, मृतक आश्रितों को एक करोड़ देने, कमजोर वर्ग के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने, आंदोलन को हिंसा का रूप देने वाले अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग रखी गई। ज्ञापन देने वालों में भीम आर्मी के रजत मिठारिया, अभिनव पालीवाल, अजय, सचिनदेव भारती, मोनू गौतम, टिकम बौद्ध, मिंटू, जितेंद्र आदि शामिल रहे।  

सेल्फी को लेकर जुटे युवा 
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के साथ सेल्फी लेने को दलित युवाओं में काफी क्रेज देखा गया। काफी देर तक युवक सेल्फी लेने में लगे रहे। हालांकि चंद्रशेखर भी युवाओं में घुलते मिलते दिखाई दिए।  

अनुशासन का परिचय दें कार्यकर्ता 
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं से चंद्रशेखर ने कहा कि प्रशासन ने हंगामे के डर से हमें जनसभा की अनुमति नहीं दी। हम सब अनुशासित कार्यकर्ता हैं, पूरे कार्यक्रम में अनुशासन का परिचय दें। चंद्रशेखर के निर्देश के बाद समस्त कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का अच्छा परिचय दिया।  

प्रदर्शन के दौरान छावनी में तब्दील कचहरी
भीम आर्मी के प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट को छावनी बनाया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी को लगाया गया। चंद्रशेखर के आने की सूचना पर पूरा प्रशासन सजग नजर आया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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