Meerut: भामाशाह पार्क में रामभद्राचार्य की कथा को लेकर भूमि पूजन अटका, अनुमति पर खींचतान, ऐसे बनी बात
मेरठ के भामाशाह पार्क में रामभद्राचार्य की कथा के भूमि पूजन का आयोजन दोपहर 1 बजे तय था, लेकिन परमिशन न मिलने से कार्यक्रम अटक गया। आयोजक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है, जबकि मुहूर्त का समय भी निकल रहा है।
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मेरठ भामाशाह पार्क में रामभद्राचार्य की कथा के भूमि पूजन कार्यक्रम पर विवाद खड़ा हो गया। दोपहर 1 बजे भूमि पूजन का आयोजन रखा गया था, लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के चलते कार्यक्रम शुरू नहीं हो पाया।
जैसे ही आयोजन स्थल पर लोग जुटने लगे, प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजकों के बीच बातचीत शुरू हो गई। आयोजक भूमि पूजन कराने पर अड़े रहे, वहीं प्रशासन ने परमिशन की औपचारिकताओं को लेकर कार्यक्रम रोक दिया।
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इस खींचतान के बीच भूमि पूजन का तय मुहूर्त भी निकलता चला गया। आयोजक लगातार अधिकारियों से अनुमति देने की अपील करते रहे, जबकि प्रशासन की टीम उन्हें समझाने में लगी रही।
बताया गया कि काफी कशमकश के बाद भामाशाह पार्क में जगदगुरु रामभद्राचार्य की कथा का भूमि पूजन शुरू हो गया। आयोजन को लेकर कई दिन से तैयारियां की जा रही थीं। पहले प्रशासन और आयोजकों के बीच अनुमति को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही, लेकिन आखिरकार भूमि पूजन का शुभारंभ हो गया।
भूमि पूजन कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी पहुंचे। उनके पहुंचते ही आयोजन स्थल पर माहौल और भी धार्मिक रंग में डूब गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी भूमि पूजन देखने के लिए मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान तेज बारिश भी शुरू हो गई।
आयोजकों ने बताया कि रामभद्राचार्य की कथा का भव्य आयोजन आने वाले दिनों में यहीं से शुरू होगा। भूमि पूजन के साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
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