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Cyber Fraud: सावधान! शादी का कार्ड डाउनलोड करना भी पड़ सकता है भारी, APK फाइल कर सकती है खाता खाली
Sat, 07 Feb 2026 09:46 AM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Sat, 07 Feb 2026 09:46 AM IST
सार
मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में APK फाइल के जरिए साइबर ठगी के मामले बढ़े। शादी के कार्ड, ई-चालान और निवेश के नाम पर मोबाइल कंट्रोल कर खाते खाली किए जा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ सहित पश्चिमी यूपी में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन शातिर अपराधी ठगी के नए नए तरीके इजाद कर रहे हैं। ठगी करने के आरोपियों के तरीके इतने शातिर हैं कि आम आदमी ही नहीं, पढ़ा-लिखा वर्ग भी इनके झांसे में आ रहा है।
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साइबर ठग फर्जी ई-शॉपिंग साइट से सस्ता सामान खरीदने, ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफा, शादी के कार्ड डाउनलोड करने, ई-चालान भरने या सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी देने के नाम पर एपीके फाइल भेजते हैं। इस फाइल को इंस्टॉल करते ही मोबाइल में छिपा सॉफ्टवेयर एक्टिव हो जाता है, जो कॉल, मैसेज, बैंकिंग ऐप और ओटीपी तक एक्सेस कर लेता है।
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साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर कॉल कर रहे हैं। पेंशन बंद होने, मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी खाते या डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। ठग लोगों को व्हाट्सएप, एसएमएस या ई-मेल के जरिए एपीके फाइल भेजते हैं। जैसे ही फाइल डाउनलोड होती है बिना किसी ओटीपी के ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद बैंक खाते से लेकर निजी जानकारी तक सब कुछ लीक हो जाती है। कुछ ही मिनटों में बैंक खाते साफ कर देते हैं।
एक ही नंबर पर निकलवा रहे डुप्लीकेट सिम
कई मामलों में आरोपी ऑनलाइन तरीके से पीड़ित के सिम का डुप्लीकेट निकलवा लेते हैं। इससे बैंक अलर्ट, कॉल और मैसेज के अलावा ओटीपी भी सीधे ठगों के पास पहुंच जाते हैं। इसलिए आरोपियों को ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। पीड़ित को भनक तक नहीं लगती। यही वजह है कि खाते से रुपये निकलने के बाद लोग हैरान रह जाते हैं।
केस-एक
बिना ओटीपी आए, खाते से 15 लाख उड़ाए
मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी बुजुर्ग महिला संतोष कश्यप ने रविवार को साइबर थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 29 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। आरोपी ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया था। आरोपी ने उनके खाते को अपडेट करने के लिए कहा था। आरोपी ने उनके मोबाइल पर एक सरकारी योजना की एपीके फाइल भेज थी। फाइल डाउनलोड करते ही उनके खाते से 15 लाख रुपये उड़ गए।
बिना ओटीपी आए, खाते से 15 लाख उड़ाए
मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी बुजुर्ग महिला संतोष कश्यप ने रविवार को साइबर थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 29 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। आरोपी ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया था। आरोपी ने उनके खाते को अपडेट करने के लिए कहा था। आरोपी ने उनके मोबाइल पर एक सरकारी योजना की एपीके फाइल भेज थी। फाइल डाउनलोड करते ही उनके खाते से 15 लाख रुपये उड़ गए।
केस-2
आरोपियों ने किसान की 11.97 लाख की ठगी
दिल्ली रोड स्थित काशी गांव निवासी फिरोज खान ने मंगलवार को थाने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 14 जनवरी को उसने खाते से 20 हजार रूपये निकाले थे। पैसे निकालने वाले के बाद वह घर चले गए। 30 जनवरी को वह दोबारा से बैंक से 30 हजार रुपये निकालने के लिए गए। कैशियर ने खाते में 13 हजार रुपये होने की बात बताई। साइबर आरोपियों ने किसान योजना से संबंधित एपीके फाइल भेजी थी। साइबर आरोपियों ने उसके खाते से 15 बार में 11.97 लाख रुपये निकाल लिए है।साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय
आरोपियों ने किसान की 11.97 लाख की ठगी
दिल्ली रोड स्थित काशी गांव निवासी फिरोज खान ने मंगलवार को थाने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 14 जनवरी को उसने खाते से 20 हजार रूपये निकाले थे। पैसे निकालने वाले के बाद वह घर चले गए। 30 जनवरी को वह दोबारा से बैंक से 30 हजार रुपये निकालने के लिए गए। कैशियर ने खाते में 13 हजार रुपये होने की बात बताई। साइबर आरोपियों ने किसान योजना से संबंधित एपीके फाइल भेजी थी। साइबर आरोपियों ने उसके खाते से 15 बार में 11.97 लाख रुपये निकाल लिए है।साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय
साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय
-अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।
-मोबाइल में ऐप केवल प्ले स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
-सिम अचानक बंद हो तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें।
-डराने या धमकाने वाली कॉल को नजरअंदाज करें। पुलिस ऐसे कॉल नहीं करती।
-कम निवेश पर थोड़े समय में बड़े मुनाफे जैसे लुभावने ऑफर से बचें।
-निवेश संबंधी सलाह लेने से पहले हमेशा वेरिफिकेशन के लिए सेबी या आरबीआई से जारी लाइसेंस मांगें।
-कोई ब्रोकर बार-बार किसी खास निवेश के बारे में बात कर रहा है हो सकता है वह ठगने की कोशिश कर रहा हो।
-अपने मोबाइल में ई स्कैन बोट रिम्युअल एप डाउनलोड करें।
-जिस ईमेल या व्हाटसएप मैसेज पर एपीके लिखा है उसे डाउनलोड न करें।
-अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।
-मोबाइल में ऐप केवल प्ले स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
-सिम अचानक बंद हो तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें।
-डराने या धमकाने वाली कॉल को नजरअंदाज करें। पुलिस ऐसे कॉल नहीं करती।
-कम निवेश पर थोड़े समय में बड़े मुनाफे जैसे लुभावने ऑफर से बचें।
-निवेश संबंधी सलाह लेने से पहले हमेशा वेरिफिकेशन के लिए सेबी या आरबीआई से जारी लाइसेंस मांगें।
-कोई ब्रोकर बार-बार किसी खास निवेश के बारे में बात कर रहा है हो सकता है वह ठगने की कोशिश कर रहा हो।
-अपने मोबाइल में ई स्कैन बोट रिम्युअल एप डाउनलोड करें।
-जिस ईमेल या व्हाटसएप मैसेज पर एपीके लिखा है उसे डाउनलोड न करें।