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Meerut News: नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल जरूरी
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सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
साहित्यिक योगदान पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के पन्ना धाय मां सुभारती नर्सिंग कॉलेज में नवजात शिशु देखभाल विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल संबंधी जानकारी, व्यावहारिक कौशल और सामुदायिक स्तर पर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. महक, डॉ. गीता परवंदा और डॉ. अमब्ली मौजूद रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. गीता परवंदा ने नवजात शिशुओं में बीमारी की प्रारंभिक पहचान और त्वरित रेफरल विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पुलक ने सामुदायिक स्तर पर सुरक्षित नवजात देखभाल पद्धतियों पर जोर दिया। असिस्टेंट प्रो. कोमल सक्सेना ने व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जबकि हिमालय वेलनेस कंपनी के प्रतिनिधि ने गुणवत्ता युक्त शिशु उत्पादों के महत्व पर सत्र लिया।
अंतिम वर्ष की छात्राओं ने रोल प्ले के माध्यम से नवजात देखभाल को दर्शाया। कार्यक्रम में 105 सहायक नर्स एवं मिडवाइफ ने सक्रिय भागीदारी की। इसी बीच विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद शोध पीठ द्वारा रामकृष्ण मठ पुणे के सहयोग से स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन एवं साहित्यिक योगदान पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि अमलान कुसुम घोष (कोलकाता) और कुलसचिव (सेवानिवृत्त) एम याकूब ने संयुक्त रूप से किया। इसमें विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में स्वामीजी के मूल ग्रंथ, वेदांत व्याख्याएं, जीवनियां एवं प्रेरित साहित्य प्रदर्शित हैं।
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साहित्यिक योगदान पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के पन्ना धाय मां सुभारती नर्सिंग कॉलेज में नवजात शिशु देखभाल विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल संबंधी जानकारी, व्यावहारिक कौशल और सामुदायिक स्तर पर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. महक, डॉ. गीता परवंदा और डॉ. अमब्ली मौजूद रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. गीता परवंदा ने नवजात शिशुओं में बीमारी की प्रारंभिक पहचान और त्वरित रेफरल विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पुलक ने सामुदायिक स्तर पर सुरक्षित नवजात देखभाल पद्धतियों पर जोर दिया। असिस्टेंट प्रो. कोमल सक्सेना ने व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जबकि हिमालय वेलनेस कंपनी के प्रतिनिधि ने गुणवत्ता युक्त शिशु उत्पादों के महत्व पर सत्र लिया।
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अंतिम वर्ष की छात्राओं ने रोल प्ले के माध्यम से नवजात देखभाल को दर्शाया। कार्यक्रम में 105 सहायक नर्स एवं मिडवाइफ ने सक्रिय भागीदारी की। इसी बीच विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद शोध पीठ द्वारा रामकृष्ण मठ पुणे के सहयोग से स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन एवं साहित्यिक योगदान पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि अमलान कुसुम घोष (कोलकाता) और कुलसचिव (सेवानिवृत्त) एम याकूब ने संयुक्त रूप से किया। इसमें विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में स्वामीजी के मूल ग्रंथ, वेदांत व्याख्याएं, जीवनियां एवं प्रेरित साहित्य प्रदर्शित हैं।
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