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प्रैक्टिकल में छात्रों से मांगी घूस
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मेरठ। अभी तक कॉलेज बीएड के प्रैक्टिकल के नाम पर छात्रों से चुपचाप वसूली कर रहे थे, लेकिन अब गुंडई पर उतर आए हैं। पैसे न देने पर खुलेआम फेल करने की धमकी दी जा रही है। सोमवार को कमला देवी विद्यापीठ कॉलेज कंकरखेड़ा में छात्र-छात्राओं से 3500-3500 रुपये की घूस मांगी गई। पैैसे न देने पर बदसलूकी तक हुई। इस पर छात्रों ने हंगामा कर दिया। शिकायत पर कुलपति ने रजिस्ट्रार को मौके पर भेजा। रजिस्ट्रार के पहुंचते ही कॉलेज स्टाफ फरार हो गया। कुलपति ने छात्रों के प्रैक्टिकल कैंपस में कराने का आश्वासन दिया है।
परतापुर-कंकरखेड़ा बाईपास पर कमला देवी विद्यापीठ बीएड कॉलेज है। इसके संचालक अमित गिरि हैं। सोमवार को 89 छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया था। छात्रों से 3500-3500 रुपये की मांग की गई। पूछने पर बताया गया कि प्रैक्टिकल में बहुत खर्चा होता है। इसीलिए पैसे देने पड़ेंगे। छात्रों के मुताबिक जिन्होंने पैसे दे दिए उनको प्रैक्टिकल के लिए बुला लिया गया। छात्रों का आरोप है कि बाउंसरों ने उनके साथ बदसलूकी की। प्रैक्टिकल देने आने वाली कई महिलाओं की गोद में छोटे बच्चे भी थे। घंटों तक मिन्नतें करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
न स्टाफ मिला, न परीक्षक
रजिस्ट्रार ने प्राचार्य को बुलाया तो वो भी नहीं आए। विवि की तरफ से प्रैक्टिकल लेने वाले परीक्षक भी नदारद मिले। रजिस्ट्रार ने कुलपति को फोन पर सारे सच से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि इन सभी छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल विवि कैंपस में कराकर जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करेगा। पूरे प्रकरण में विवि ने छात्र-छात्राओं के बयान की वीडियोग्राफी भी की है। परीक्षकों से भी जवाब मांगा जा रहा है।
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कई जिलों से आए थी अभ्यर्थी
प्रैक्टिकल के लिए मेरठ के अलावा बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद तक से अभ्यर्थी आए थे। कॉलेज में हुई इस अराजकता पर संचालक अमित गिरि से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
डरें नहीं छात्र, होगी कार्रवाई
रजिस्ट्रार ने कॉलेज पहुंचकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। छात्रों को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। हम जल्द ही उनके प्रैक्टिकल कैंपस में कराकर रिजल्ट जारी कराएंगे। छात्रों से पैसे मांगने वाले कॉलेजों को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी रिपोर्ट मांगी गई है, जो भी कॉलेज पैसे मांगें उनके खिलाफ शिकायत करें। - प्रो. एनके तनेजा, कुलपति चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय
पहले भी वायरल हुआ था ऑडियो
बीएड के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में परीक्षकों को लिफाफे दिए जाने की शिकायतें विवि को लंबे समय से मिलती रही हैं। हाल ही में एक कॉलेज संचालक का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वे कह रहे थे कि हमने थे तो तीनों परीक्षकों को 35-35 हजार रुपये का लिफाफा दिया था। शानदार होटल में लंच कराया था। हालांकि शिक्षकों की एसोसिएशन ने इस ऑडियो को गलत बताया था। प्रैक्टिकल में चल रही इस घूसखोरी को रोकने के लिए ही पहली बार विवि ने बीएड के प्रैक्टिकल में एडेड के अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के शिक्षकों को भी परीक्षक बनाने का फैसला लिया। प्रैक्टिकल में अब एक शिक्षक सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का भी परीक्षक बनकर जा रहा है। लेकिन पैसे मांगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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परतापुर-कंकरखेड़ा बाईपास पर कमला देवी विद्यापीठ बीएड कॉलेज है। इसके संचालक अमित गिरि हैं। सोमवार को 89 छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया था। छात्रों से 3500-3500 रुपये की मांग की गई। पूछने पर बताया गया कि प्रैक्टिकल में बहुत खर्चा होता है। इसीलिए पैसे देने पड़ेंगे। छात्रों के मुताबिक जिन्होंने पैसे दे दिए उनको प्रैक्टिकल के लिए बुला लिया गया। छात्रों का आरोप है कि बाउंसरों ने उनके साथ बदसलूकी की। प्रैक्टिकल देने आने वाली कई महिलाओं की गोद में छोटे बच्चे भी थे। घंटों तक मिन्नतें करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
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न स्टाफ मिला, न परीक्षक
रजिस्ट्रार ने प्राचार्य को बुलाया तो वो भी नहीं आए। विवि की तरफ से प्रैक्टिकल लेने वाले परीक्षक भी नदारद मिले। रजिस्ट्रार ने कुलपति को फोन पर सारे सच से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि इन सभी छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल विवि कैंपस में कराकर जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करेगा। पूरे प्रकरण में विवि ने छात्र-छात्राओं के बयान की वीडियोग्राफी भी की है। परीक्षकों से भी जवाब मांगा जा रहा है।
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कई जिलों से आए थी अभ्यर्थी
प्रैक्टिकल के लिए मेरठ के अलावा बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद तक से अभ्यर्थी आए थे। कॉलेज में हुई इस अराजकता पर संचालक अमित गिरि से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
डरें नहीं छात्र, होगी कार्रवाई
रजिस्ट्रार ने कॉलेज पहुंचकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। छात्रों को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। हम जल्द ही उनके प्रैक्टिकल कैंपस में कराकर रिजल्ट जारी कराएंगे। छात्रों से पैसे मांगने वाले कॉलेजों को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी रिपोर्ट मांगी गई है, जो भी कॉलेज पैसे मांगें उनके खिलाफ शिकायत करें। - प्रो. एनके तनेजा, कुलपति चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय
पहले भी वायरल हुआ था ऑडियो
बीएड के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में परीक्षकों को लिफाफे दिए जाने की शिकायतें विवि को लंबे समय से मिलती रही हैं। हाल ही में एक कॉलेज संचालक का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वे कह रहे थे कि हमने थे तो तीनों परीक्षकों को 35-35 हजार रुपये का लिफाफा दिया था। शानदार होटल में लंच कराया था। हालांकि शिक्षकों की एसोसिएशन ने इस ऑडियो को गलत बताया था। प्रैक्टिकल में चल रही इस घूसखोरी को रोकने के लिए ही पहली बार विवि ने बीएड के प्रैक्टिकल में एडेड के अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के शिक्षकों को भी परीक्षक बनाने का फैसला लिया। प्रैक्टिकल में अब एक शिक्षक सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का भी परीक्षक बनकर जा रहा है। लेकिन पैसे मांगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।