{"_id":"6a4e62379802a112a20e49d5","slug":"bed-first-year-practical-examination-postponed-meerut-news-c-72-1-mct1014-155868-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा स्थगित
विज्ञापन
कार्यक्रम जारी करने के दो दिन बाद ही विश्वविद्यालय ने रोकी परीक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी करने के महज दो दिन बाद ही उसे अचानक स्थगित कर दिया। विश्वविद्यालय के अनुसार जारी कार्यक्रम के तहत प्रयोगात्मक परीक्षाएं 14 जुलाई से 18 सितंबर तक आयोजित होनी थीं, लेकिन अब इन्हें अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
विश्वविद्यालय के इस फैसले से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारों छात्र असमंजस में पड़ गए हैं। परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद दूर-दराज के छात्रों ने मेरठ आने के लिए ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण करा लिया था। अब परीक्षा स्थगित होने के कारण उन्हें अपने कन्फर्म टिकट रद्द कराने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
इस मामले में छात्र नेता अंकित अधाना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को बार-बार टालना विश्वविद्यालय की आदत बन गई है। किसी भी निर्णय से पहले प्रशासन को दूसरे राज्यों और दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों की कठिनाइयों पर विचार करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि छात्रों के टिकट रद्द होने से हो रहे आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी करने के महज दो दिन बाद ही उसे अचानक स्थगित कर दिया। विश्वविद्यालय के अनुसार जारी कार्यक्रम के तहत प्रयोगात्मक परीक्षाएं 14 जुलाई से 18 सितंबर तक आयोजित होनी थीं, लेकिन अब इन्हें अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
विश्वविद्यालय के इस फैसले से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारों छात्र असमंजस में पड़ गए हैं। परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद दूर-दराज के छात्रों ने मेरठ आने के लिए ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण करा लिया था। अब परीक्षा स्थगित होने के कारण उन्हें अपने कन्फर्म टिकट रद्द कराने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
इस मामले में छात्र नेता अंकित अधाना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को बार-बार टालना विश्वविद्यालय की आदत बन गई है। किसी भी निर्णय से पहले प्रशासन को दूसरे राज्यों और दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों की कठिनाइयों पर विचार करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि छात्रों के टिकट रद्द होने से हो रहे आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है।
विज्ञापन