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बरसात में बरतें सावधानी, वरना लग जाएगी ये बीमारियां, गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान

Mon, 30 Jul 2018 10:37 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 30 Jul 2018 10:37 AM IST
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Be careful in rain, otherwise infection will occur, pregnant women should take care of these things
फाइल फोटो

बारिश का मौसम गर्मी के बाद शरीर और मन को ठंडक देकर सुकून देता है, लेकिन इस मौसम में सावधान रहने की भी जरूरत है। पिछले कई दिनों से लगातार बारिश जारी है। ऐसे में बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। सबसे ज्यादा बीमारियां वायरल और फंगल इंफेक्शन के कारण फैलती हैं। ऐसे मौसम में महिलाओं को अपना और अपने बच्चों का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बीमारियां इन्हें जल्दी घेर लेती हैं। गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी इस मौसम में बढ़ जाती है।

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गंदगी है बीमारी का बड़ा कारण
बरसात के मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी है। मच्छर, कीड़े, अशुद्ध पानी, वातावरण में नमी, दस्त, कपड़े गीले हो जाना बीमारी का कारण बनते हैं। बुखार, डायरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, पीलिया और त्वचा आदि की समस्याएं होने लगती हैं। हालांकि सफाई रखकर और सावधानी बरत कर काफी हद तक इनसे बचा जा सकता है।

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यह बरतें सावधानी

Be careful in rain, otherwise infection will occur, pregnant women should take care of these things
फाइल फोटो

खाना खाने से पहले अच्छे से हाथ धोएं।
बारिश में बिल्कुल न भीगें।
अगर भीग गए हैं तो ज्यादा देर गीला न रहें।
संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
मौसमी फलों का ज्यादा सेवन करें।
देर से कटे हुए और रखे हुए फल न खाएं।

खुद न बनें डॉक्टर
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि ऐसे मौसम सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन सबसे ज्यादा होते हैं। इनसे बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करनी चाहिए। ताजे फल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। खुद से दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। जो भी दवा लेनी है वह चिकित्सक से सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।

शिशु होते हैं ज्यादा संवेदनशील
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीओम का कहना है कि शिशु ज्यादा संवेदनशील होते हैं। बारिश और उमस के मौसम में शिशुओं को ज्यादा बीमार होने का खतरा रहता है। शिशुओं के शरीर पर घमौरिया और दाने हो सकते हैं। लिहाजा उन्हें गीला बिल्कुल न रहने दें। इस मौसम में शिशु को सामान्य तापमान में रखें, ज्यादा ठंड में न रखें।

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