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Meerut News: गंगा स्नान से मिलता है मोक्ष और पापों से मुक्ति का फल

Sun, 24 May 2026 08:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 08:57 PM IST
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Bathing in the Ganges gives salvation and freedom from sins.
मखदुमपुर गंगा घाट पर स्नान करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सोमवार को है। यह पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण दिवस के रूप में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट पर गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मान्यता है कि गंगा दशहरे के दिन स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कस्बे के प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों में गंगा दशहरा का विशेष महत्व बताया गया है। नारद पुराण के अनुसार इस दिन गंगा में स्नान करने से दस जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि हस्तिनापुर के मखदूमपुर घाट सहित हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज और गढ़मुक्तेश्वर जैसे प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। उन्होंने कहा कि इस दिन अन्न, वस्त्र, फल, सत्तू और शीतल वस्तुओं का दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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आत्मशुद्धि और संकल्प का पर्व है गंगा दशहरा

कर्ण मंदिर के महंत शंकर देव महाराज का कहना है कि हस्तिनापुर की यह पावन भूमि महाभारत काल से जुड़ी हुई है। मखदूमपुर घाट अत्यंत शांत एवं पवित्र स्थल माना जाता है। उन्होंने कहा कि दशहरा का अर्थ दस पापों का हरण करने वाला है, लेकिन मां गंगा उसी व्यक्ति के पाप हरती हैं जो जीवन में दोबारा गलत कार्य न करने का संकल्प लेता है। केवल औपचारिक स्नान करने से नहीं बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता से ही गंगा स्नान का वास्तविक फल प्राप्त होता है।
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पितरों की शांति और मोक्ष का मिलता है आशीर्वाद

सुदेश कुमार ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं ताकि राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष मिल सके। इसी कारण गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और तर्पण का विशेष महत्व माना गया है। श्रद्धालु इस दिन अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना से गंगा तट पर पूजा-अर्चना करते हैं।
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