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बस्ती के विकास के लिए टंकी पर चढ़ा परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2016 01:52 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के हसनगंज स्थित खदरा में मंगलवार की सुबह मेरठ के खुशहाल नगर निवासी मो. जियाउल हक दो बच्चों और भाई इरशाद के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। उसने अपनी बस्ती में मूलभूत सुविधाएं लागू कराने की मांग की। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर वह यहां आया था। सीएम से नहीं मिलवाने पर उसने आत्मदाह की धमकी दी। करीब 12 घंटे तक पुलिस-प्रशासन उसने नीचे उतारने के प्रयास में जुटा रहा। शाम को सीएम से मिलवाने के आश्वासन पर वह परिवार सहित नीचे उतरा। इस दौरान सिविल डिफेंस के स्वयं सेवकों ने उसके भाई को पीट दिया। बच्चे डर के मारे रोने लगे। लोगों के विरोध पर वहां हंगामा हो गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
पुलिस के अनुसार जियाउल हक अपनी बस्ती में प्राथमिक अस्पताल, जच्चा-बच्चा केंद्र, प्राथमिक स्कूल, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकघ, गैस एजेंसी, बिजली, पानी व सड़क की सुविधा दिलाने की मांग कर रहा है। वह मंगलवार सुबह करीब चार बजे दो बच्चे और भाई के साथ लखनऊ आया था। इसी बीच वह सबको लेकर टंकी पर चढ़ गया। चहल-पहल होने पर उसने हंगामा शुरू कर दिया। अपनी मांगों से संबंधित पर्चे फेंके। सूचना पर पहुंची हसनगंज पुलिस ने उससे उतरने का आग्रह किया। उसने जबरदस्ती करने पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी दी। एएसपी ट्रांस गोमती दुर्गेश कुमार, एडीएम टीजी अशोक कुमार, एसीएम पंचम टीपी वर्मा मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से उसे नीचे उतारा गया। इससे पूर्व संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन और उसके इलाके में रहने वाले यामीन खान ने भी उसे मनाने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार जियाउल अपनी मांगों को लेकर मेरठ में भी चार बार टंकी पर चढ़ चुका है।
एचटी लाइन की चपेट में आकर हुई पिता की मौत
जियाउल ने बताया कि 1989 में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर उसके पिता की मौत हो गई थी। तभी से वह हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए प्रयासरत है। उसका कहना है कि मां से मिली सीख के कारण वह समाज सेवा कर रहा है। समाज सेवा के लिए खेत, गांव का मकान, पत्नी के जेवर और घर की कीमती चीजें बेच चुका है। उसकी मांगें नहीं मानी गईं तो मां का ख्वाब पूरा नहीं हो सकेगा।
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पुलिस के अनुसार जियाउल हक अपनी बस्ती में प्राथमिक अस्पताल, जच्चा-बच्चा केंद्र, प्राथमिक स्कूल, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकघ, गैस एजेंसी, बिजली, पानी व सड़क की सुविधा दिलाने की मांग कर रहा है। वह मंगलवार सुबह करीब चार बजे दो बच्चे और भाई के साथ लखनऊ आया था। इसी बीच वह सबको लेकर टंकी पर चढ़ गया। चहल-पहल होने पर उसने हंगामा शुरू कर दिया। अपनी मांगों से संबंधित पर्चे फेंके। सूचना पर पहुंची हसनगंज पुलिस ने उससे उतरने का आग्रह किया। उसने जबरदस्ती करने पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी दी। एएसपी ट्रांस गोमती दुर्गेश कुमार, एडीएम टीजी अशोक कुमार, एसीएम पंचम टीपी वर्मा मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से उसे नीचे उतारा गया। इससे पूर्व संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन और उसके इलाके में रहने वाले यामीन खान ने भी उसे मनाने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार जियाउल अपनी मांगों को लेकर मेरठ में भी चार बार टंकी पर चढ़ चुका है।
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एचटी लाइन की चपेट में आकर हुई पिता की मौत
जियाउल ने बताया कि 1989 में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर उसके पिता की मौत हो गई थी। तभी से वह हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए प्रयासरत है। उसका कहना है कि मां से मिली सीख के कारण वह समाज सेवा कर रहा है। समाज सेवा के लिए खेत, गांव का मकान, पत्नी के जेवर और घर की कीमती चीजें बेच चुका है। उसकी मांगें नहीं मानी गईं तो मां का ख्वाब पूरा नहीं हो सकेगा।
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