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Meerut News: पंडाल में विराजे बप्पा, थिरके श्रद्धालु
Sun, 13 Sep 2026 09:56 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:56 PM IST
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रामलीला मैदान में गणेश महोत्सव में विधि-विधान से हुई भगवान गणेश की प्राण प्रतिष्ठा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में आयोजित गणेश चतुर्थी महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान गणेश जी की प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान गणेश से परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। वैदिक आचार्य सतीश चंद्र मौर्य ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
आयोजक रणधीर उपाध्याय ने गणेश चतुर्थी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है।
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महोत्सव को लेकर रामलीला मैदान में विशेष सजावट की गई है। प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। गणपति के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक समिति के अध्यक्ष ओमवीर बढ़ाना, उपाध्यक्ष अनीता उपाध्याय, रोहणी, नीरू आदि का सहयोग रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में आयोजित गणेश चतुर्थी महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान गणेश जी की प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान गणेश से परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। वैदिक आचार्य सतीश चंद्र मौर्य ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
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आयोजक रणधीर उपाध्याय ने गणेश चतुर्थी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है।
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महोत्सव को लेकर रामलीला मैदान में विशेष सजावट की गई है। प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। गणपति के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक समिति के अध्यक्ष ओमवीर बढ़ाना, उपाध्यक्ष अनीता उपाध्याय, रोहणी, नीरू आदि का सहयोग रहा।