फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Ban on entry of BJP leaders in Bawana village of Uttar Pradesh

पंचायत का फरमान- गांव में नहीं होने देंगे भाजपा नेताओं का प्रवेश, ये रही बड़ी वजह

Mon, 08 Oct 2018 07:41 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Mon, 08 Oct 2018 07:41 PM IST
विज्ञापन
Ban on entry of BJP leaders in Bawana village of Uttar Pradesh
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के इस गांव में सोमवार को पंचायत हुई, जिसमें आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। यही नहीं बल्कि गांव में बीजेपी नेताओं के प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई गई। इसके पीछे की क्या वजह है यह अगली स्लाइड में जानिए:-

विज्ञापन

मामला यूपी में मुजफ्फरनगर के बवाना गांव का है। जहां जलनिकासी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों की पंचायत में सर्वसम्मति से आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। साथ ही पंचायत में सर्वसम्मति से बवाना गांव में बीजेपी नेताओं के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं तो वोट भी नहीं।  
       
बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के गांव बवाना में सोमवार को सुरेश पाल के घेर में ग्रामीणों की पंचायत हुई। पंचायत में गांव की गलियों में होने वाले जलभराव का मु्द्दा छाया रहा। पंचायत में कूडे़ सिंह ने कहा कि गांव में घरों से निकलने वाले और बरसात के पानी की निकासी नहीं है। गांव के तालाब का आकार छोटा होने के कारण उसमें पानी नहीं समाता। स्कूल में जाने वाले बच्चों व ग्रामीणों को पानी व कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में श्मशान घाट नहीं है। नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया जाता है। अंतिम यात्रा में ग्रामीणों को नदी पर जाने के लिए कीचड़ व पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मास्टर सुनील ने कहा कि बीजेपी के शासन में गांव की गलियों की गंदगी व पानी के निकासी की समस्या व गांव के संपर्क मार्गों की हालत खराब है। 

आरोप है कि चुनाव से पहले किए जाने वाले वादे कोई पूरा नहीं करता। पंचायत में विनोद ने कहा कि गांव की इस समस्या को लेकर गांव वालों ने तहसील दिवस में भी अनेकों बार शिकायत भेजी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व  केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान से भी वे कई बार मिल चुके हैं। पंचायत में सर्वसम्मति से आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। पंचायत में ग्रामीणों ने बीजेपी नेताओं के गांव में प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने नारा दिया की गांव के पानी की निकासी नहीं तो वोट नहीं। गांव वालों ने पूरे गांव में दीवारों पर लिख दिया कि बीजेपी नेताओं का गांव में प्रवेश वर्जित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में गांव वालों से वार्ता की जाएगी। कोई समस्या होगी तो उसका समाधान किया जाएगा। बवाना गांव में पहले भी सांसद निधि से काफी काम करवाए गए हैं। अब भी कोई समस्या होगी तो समाधान किया जाएगा। बवाना गांव में करीब 11.30  लाख रुपये की लागत से साढे़ 3 सौ मीटर सड़क बनवाई, साढे़ लाख रुपये से रास्ता बनवाया, 80 लाख रुपये की लागत से बवाना से शिकारपुर सड़क निर्माण कराया, बवाना से हुसैनपुर सीसी रोड के लिए 30 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हो चुका है। जिला पंचायत से भी गांव में 30 लाख रूपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। -पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान 

गांव के पानी की निकासी के संबंध में मैंने और सांसद डॉ. संजीव बालियान ने बवाना गांव में तीन बार पंचायतों का आयोजन किया। गांव के पक्ष व विपक्ष की एक राय न होने के कारण गांव की इस समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया। विपक्ष के ग्रामीणों के विरोध के कारण कुछ काम होने से रुके हुए हैं। ग्रामीणों की एक राय होते ही सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। - उमेश मलिक बुढ़ाना विधायक

विज्ञापन

यूपी बॉर्डर पर किसान क्रांति यात्रा के दौरान किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों ने बास्टा क्षेत्र के गांवों में भाजपा वालों का किसान गांव में आना सख्त मना है का चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। मामला यूपी के बिजनौर जिले का है।

भाकियू की किसान क्रांति यात्रा के दौरान यूपी बॉर्डर पर पहुंचने पर प्रशासन ने किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया और निहत्थे किसानों पर पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़े थे। यही नहीं बल्कि लाठीचार्ज भी किया था। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। बास्टा क्षेत्र के गांव संसारपुर में किसान एकता मंच ने भाजपा के नेताओं का इस गांव में आना सख्त मना है जान माल की स्वयं रक्षा करें, गांव अहरौला में बीजेपी वालों का इस किसान गांव में आना सख्त मना है। निहत्थे किसानों पर लाठियां बरसाओगे और वोट मांगने भी हमारे ही गांव में आओगे का बोर्ड लगा दिया है। गांव वालों ने गांव में भाजपा के खिलाफ वॉल पेंटिग भी करा दी है। किसानों के विरोध से भाजपाइयों व प्रशासन में खलबली मच हुई है।

उधर, चांदपुर में किसान मजदूर संगठन गांव पृथ्वीपुर में महेंद्र सिंह के आवास पर हुई पंचायत में वक्ताओं ने किसान क्रांति यात्रा में सरकार द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज की घोर निंदा की। पंचायत में वक्ताओं ने 28 नवंबर को दिल्ली में होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक किसानों से पहुंचने की अपील की। मोहम्मद अख्तर अली की अध्यक्षता व सोमपाल सिंह के संचालन में हुई पंचायत में हरगुलाल सिंह, कर्मवीर सिंह, महेंद्र पाल शर्मा, विरेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed