बकरीद 2017 : ईद की नमाज से पहले फहराया तिरंगा, खुशी से झूम उठा वेस्ट यूपी
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बकरीद पर पूरा वेस्ट यूपी खुशी से झूम उठा और इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। वेस्ट यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और बिजनौर सभी जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई। बागपत के खेकड़ा में बकरीद की नमाज पढ़ने से पहले ईदगाह पर तिरंगा फहराया गया। मौलानाओं ने अमनो-अमान और तरक्की के लिए दुआ कराई। शहर काजी हबीबुर्रमान ने कहा कि समाज में भाईचारा रहना चाहिए। डीएम भवानी सिंह खंगारौत, एसपी डी प्रदीप कुमार, एसडीएम विवेक कुमार यादव और सीओ दिलीप कुमार ईदगाह पर मौजूद रहे। इससे पहले शुक्रवार को एसडीएम बागपत ने ईदगाह का निरीक्षण किया। पालिका ईओ को निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था रखें। बरसात की संभावना के चलते जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। एएसपी अजय कुमार ने बताया कि ईदगाह स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षाबल तैनात रहेगा। वहीं शुक्रवार शाम को एसपी सिटी मेरठ ने भी शहर के सभी सीओ और थाना प्रभारियों के साथ संवदेनशील स्थानों पर फ्लैग मार्च निकाला।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि शहर को चार जोन और दस सेक्टर में बांटकर ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक जोन में एक एडिशनल एसपी और मजिस्ट्रेट के साथ फोर्स तैनात रहेगी। सेक्टर में सीओ और थाना प्रभारी तैनात किए जाएंगे। एक कंपनी आरएएफ, एक कंपनी आईटीबीपी, दो कंपनी पीएसी/ आरआरएफ, 20 इंस्पेक्टर/ थाना प्रभारी, 180 दरोगा और 1700 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। ईदगाह पर आरएएफ तैनात रहेगी। ईदगाह के निकट फायर ब्रिगेड की गाड़ी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड तैनात रहेगी। जिन स्थानों पर नमाज होनी है वहां थाना स्तर पर फोर्स की ड्यूटी लगाई है। ईदगाह और भीड़ वाले स्थानों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी।
ईद उल अजहा शनिवार को मनाई जाएगी
ईद उल अजहा शनिवार को मनाई जाएगी। शाही ईदगाह के इमाम और शहर काज़ी जैनुस साजिद्दीन ने शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ में तक़रीर की। उन्होंने बताया कि बकरीद की नमाज़ शाही ईदगाह में सुबह 7:45 बजे अदा की जाएगी। उन्होंने नमाज़ के बाद सभी से कुतबा सुनने को कहा। कुतबा बिना सुने नमाज़ अधूरी रह जाती है।
शहरक़ाज़ी ने कहा कि कुर्बानी की खाल को किसी संस्था या मदरसे में देने से अच्छा है कि लोग अपने आसपास रह रहे गरीबों को दें। खाल बेचकर पैसा भी दे सकते हैं। वैसे तो इंसान की इच्छा है कि वह खाल कहीं भी दे सकता है। तक़रीर के दौरान उन्होंने मुस्लिम वर्ग से बकरीद पर सफाई का विशेष ध्यान देने की अपील की है।
क़ारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि जानवर की कुर्बानी के साथ इंसान को अंदर की बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए।
क्योंकि मुस्लिम युवाओं को सही दिशा देने की सख्त ज़रूरत है। उन्होंने बकरीद के मौके पर मुस्लिम युवाओं से सभी धर्मों का ख्याल रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। अल्लाह की राह में कुर्बानी का अहतराम दिल से करें। भाईचारे और मुहब्बत से त्योहार मनाकर मिसाल पेश करें।
न बनाएं कुर्बानी का वीडियो
नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन ने कुर्बानी के दौरान किसी भी जानवर की वीडियो नहीं बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी अल्लाह के लिए दी जाती है। वीडियो बनाकर इबादत का मजाक न बनाएं। उन्होंने कुर्बानी की वीडियो व्हाट्स एप, फेसबुक और ट्विटर समेत पर अन्य पर अपलोड न करें। उन्होंने सभी को बकरीद के मौके पर मुबारकबाद दी।
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