फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules

लापरवाही की तस्वीरें: छात्रों की जिंदगी से खूब हो रहा खिलवाड़, अमर उजाला पड़ताल में खुली स्कूल बसों की पोल

Fri, 22 Apr 2022 12:35 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 22 Apr 2022 12:35 AM IST
विज्ञापन
Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules
स्कूल बस। - फोटो : amar ujala

स्कूली बसों की देख-रेख के नियमों में लापरवाही के चलते गाजियाबाद के मोदीनगर में कक्षा चार के दस वर्षीय छात्र अनुराग भारद्वाज की अकाल मौत हो गई। इकलौते चिराग के खोने से परिवार गम में है। स्कूल मालिक, प्रधानाचार्य और बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। मगर, इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की व्यवस्था पर सवाल उठाए है। बागपत जिले में भी स्कूली वाहनों के नियमों का उल्लंघन ही उल्लंघन देखने को मिला। अधिकांश स्कूली बसों के पास परमिट नहीं है। जिनके पास परमिट है, उनमें अधिकतर की फिटनेस नहीं कराई जाती है। बसों में कैमरे नहीं है तो फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। परिजन भी डग्गामार वाहनों में बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।

विज्ञापन


स्कूल में 470 बस व अन्य वाहन, परमिट के बिना भी चल रहे
बागपत जिले में करीब 60 स्कूल है, जिनमें 470 बस और अन्य वाहन चल रहे हैं। मगर, अधिकांश बस और वाहन बिना परमिट के चल रहे हैं। इनमें किसी का निजी परमिट है तो किसी ने कामर्शियल इस्तेमाल के लिए परमिट लिया हुआ है। स्कूल के लिए अलग से परमिट दिया जाता है, जिसके लिए सभी जरूरी नियमों को पूरा करना होता है। मगर, जिले में दौड़ रहे अधिकांश स्कूली वाहनों में ऐसा नहीं किया गया है।
विज्ञापन


 

Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules
छात्रों की जान से हो रहा खिलवाड़। - फोटो : amar ujala
डग्गामार वाहनों में बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे
कई स्कूलों ने अपनी बसें चलाने की जगह बाहरी लोगों को ठेका दिया हुआ है। इन ठेकेदारों ने डग्गामार वाहनों को स्कूलों में लगाया हुआ है। इनमें टाटा मैजिक, जीप आदि शामिल है। किसी ने बस लगाई हुई है, जिनमें नियमों का पालन नहीं किया गया है। शीशे के साथ पाइप व जाली तक नहीं लगी हुई है, जिससे बच्चा बाहर सिर नहीं निकाल सके। कई अन्य सुरक्षा उपकरण भी नहीं लगाए गए है, जिससे बच्चों की जान का जोखिम रहता है। 

यह भी पढ़ें: एनकाउंटर: मेरठ में सुपुर्द-ए-खाक किए गए अकबर बंजारा और सलमान के शव, जुटा भारी हुजूम, पुलिस-फोर्स तैनात

Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules
स्कूल बसों की लापरवाही। - फोटो : amar ujala
एक साल में 66 बसों पर शिकंजा, अधिकतर की नहीं है फिटनेस
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में 66 बसों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इनमें 52 का चालान हुआ और 14 को सीज किया गया। इनमें किसी की फिटनेस नहीं थी तो किसी का बीमा खत्म हो चुका था। इनके अलावा भी नियमों का पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की गई। इनसे सात लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। 
विज्ञापन

Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules
स्कूल बस चालक नियमों का नहीं कर रहे पालन। - फोटो : amar ujala
स्कूल बसों के लिए यह नियम 
- ट्रांसपोर्ट परिमट होना चाहिए।
- चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव हो। 
- स्कूल बस पीले रंग से पेंट होनी चाहिए। 
- बस के आगे व पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो। 
- शीशों के साथ ही लोहे के पाइप व जाली लगी होनी चाहिए। 
- बस के अंदर अग्निशमन यंत्र होना चाहिए। 
- स्कूल वाहन की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं हो।
- बस में फर्स्ट एड बॉक्स होना चाहिए। 
- बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
- स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए। 
- दरवाजे में ताला लगा हो और सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए। 

Baghpat News: School buses are being run without permits and family members are also negligent in rules
अभिभावक भी कर रहे लापरवाही। - फोटो : amar ujala
अभिभावक भी इन बातों का रखे ध्यान
- बस खड़ी होने पर ही बच्चों को चढ़ाएं। 
- चालक के बारे में पूरी जानकारी रखे और उसका चरित्र प्रमाण पत्र भी देखें। 
- बस में एक हेल्पर है या नहीं।  
- बच्चों के आने और जाने के समय पर ध्यान रखें। 
- बस के अंदर बच्चों को बैठने के लिए जगह मिल रही हैं या नहीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed