'डायबिटीज' में भूलकर न करें ये गलती, इलाज के लिए अपनाए ये आसान तरीके
अनियमित दिनचर्या और खानपान के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं। ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने से मधुमेह (डायबिटीज) हो जाती है। नियमित जांच, परहेज और इलाज से बीमारी के असर को कम किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि दिनचर्या अगर अस्त-व्यस्त हैं, तो इसमें बदलाव किया जाना बेहद जरूरी है। जनजागरूकता के लिए बागपत में बुधवार को ग्लोबल वॉक का आयोजन किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि बागपत के एसपीआरसी डिग्री कॉलेज में सुबह नौ बजे रैली को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। मधुमेह से बचाव के लिए लोगों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मधुमेह के मरीज को जल्दी थकान होने लगती है। प्यास बढ़ जाती है। तनावपूर्ण माहौल मधुमेह के रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं है। ऐसे मरीजों के लिए अच्छा वातावरण होना बहुत जरूरी है। दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय जरूर निकालना चाहिए। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति तैराकी कर सकते हैं। तेज चलना सबसे सुलभ व्यायाम है, प्रत्येक व्यक्ति इसे आसानी से कर सकता है। इससे मधुमेह में आराम भी मिलता है। मधुमेह की समस्या आने पर नियमित चेकअप कराएं और खानपान के नियमों का पालन करें।
मस्तिष्क और गुर्दों पर पड़ता है असर
शरीर में इंसुलिन का स्राव कम हो जाने से खून में ग्लूकोज स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है, इस स्थिति को मधुमेह या डायबिटीज कहते हैं। इस स्थिति में हमारे शरीर को भोजन से ऊर्जा लेने में कठिनाई होती है। मधुमेह के कारण शरीर के कई अंगों को नुकसान होता है। आंख, मस्तिष्क, हृदय, धमनियां और गुर्दों को नुकसान का सबसे अधिक खतरा रहता है। धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाए लोगों को जागरूक
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज कुमार ने सीएमओ को निर्देश दिए कि लोगों को जिला चिकित्सालय के अलावा सीएचसी और पीएचसी पर भी जागरूक करें। जिला मुख्यालय पर वॉक का आयोजन किया जाए।
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