{"_id":"5a60f1364f1c1b87268b52b6","slug":"atul-ki-arji-sweekaar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतुल प्रधान कोर्ट में पेश, जमानत अर्जी स्वीकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतुल प्रधान कोर्ट में पेश, जमानत अर्जी स्वीकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सपा नेता अतुल प्रधान को बृहस्पतिवार को एसीजेएम-9 की कोर्ट में पेश किया गया। जहां तीन मामलों में अतुल प्रधान का न्यायिक रिमांड बनाया गया। वारंट बनने के बाद जमानत अर्जी दाखिल की गई। जिसे अदालत ने जमानती अपराध पाते हुए जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।
अतुल प्रधान की तरफ से अधिवक्ता गगन राणा ने बुधवार को न्यायालय में थाना इंचौली और थाना भावनपुर से संबंधित तीन मुकदमों में प्रार्थनापत्र दाखिल किए थे। जिस पर कोर्ट ने अतुल प्रधान को बृहस्पतिवार के लिए तलब किया था। न्यायिक वारंट बनने के बाद अधिवक्ता गगन राणा ने तीनों मामलों में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया। जमानत अर्जी स्वीकार करने के बाद अदालत ने अतुल प्रधान को वापस जेल भेज दिया।
अतुल ने मांगी सुरक्षा
अतुल प्रधान की तरफ से एसीजेएम-10 नीरज बख्शी की अदालत में अर्जी देकर सुरक्षा की मांग की गई। जिस पर अदालत ने जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। प्रार्थनापत्र में अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उनके साथ पेशेवर अपराधी जैसा व्यवहार कर रहा है, जबकि उस पर जो भी मुकदमे दर्ज हैं, वह राजनैतिक मुकदमे हैं। अतुल प्रधान ने मांग की कि उसे सुरक्षा प्रदान कर अलग वाहन में लाया जाए।
विज्ञापन
समर्थकों ने की नारेबाजी
कचहरी परिसर में अतुल प्रधान की पेशी के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की। जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में अतुल प्रधान को वापस जिला कारागार भेज दिया गया।
इन मुकदमों में पेशी
1. थाना इंचौली में वर्ष 2010 में धारा 188 और 171 ज (आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामला)
2. थाना इंचौली में वर्ष 2010 में धारा 147, 341, 504 आईपीसी का मुकदमा
3. थाना भावनपुर में वर्ष 2010 का धारा 147, 341 आईपीसी का मुकदमा
अतुल प्रधान की तरफ से अधिवक्ता गगन राणा ने बुधवार को न्यायालय में थाना इंचौली और थाना भावनपुर से संबंधित तीन मुकदमों में प्रार्थनापत्र दाखिल किए थे। जिस पर कोर्ट ने अतुल प्रधान को बृहस्पतिवार के लिए तलब किया था। न्यायिक वारंट बनने के बाद अधिवक्ता गगन राणा ने तीनों मामलों में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया। जमानत अर्जी स्वीकार करने के बाद अदालत ने अतुल प्रधान को वापस जेल भेज दिया।
विज्ञापन
अतुल ने मांगी सुरक्षा
अतुल प्रधान की तरफ से एसीजेएम-10 नीरज बख्शी की अदालत में अर्जी देकर सुरक्षा की मांग की गई। जिस पर अदालत ने जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। प्रार्थनापत्र में अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उनके साथ पेशेवर अपराधी जैसा व्यवहार कर रहा है, जबकि उस पर जो भी मुकदमे दर्ज हैं, वह राजनैतिक मुकदमे हैं। अतुल प्रधान ने मांग की कि उसे सुरक्षा प्रदान कर अलग वाहन में लाया जाए।
विज्ञापन
समर्थकों ने की नारेबाजी
कचहरी परिसर में अतुल प्रधान की पेशी के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की। जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में अतुल प्रधान को वापस जिला कारागार भेज दिया गया।
इन मुकदमों में पेशी
1. थाना इंचौली में वर्ष 2010 में धारा 188 और 171 ज (आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामला)
2. थाना इंचौली में वर्ष 2010 में धारा 147, 341, 504 आईपीसी का मुकदमा
3. थाना भावनपुर में वर्ष 2010 का धारा 147, 341 आईपीसी का मुकदमा