साइबर अटैक : एटीएम में कैश भरपूर, लेने वाले हुए दूर, वजह जान चौंक जाएंगे
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मेरठ में साइबर अटैक से संबंधित मैसेज मंगलवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मैसेज कर अलर्ट किया। एटीएम और नेट बैंकिंग का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई। लोगों में इसकी दहशत भी देखने को मिली। शहर के एटीएम में कैश तो था लेकिन निकालने वाले नहीं थे। अधिकतर एटीएम सूने नजर आए। कुछ जगह तकनीकी खराबी की वजह से एटीएम खराब भी थे। अमर उजाला ने दोपहर एक से तीन बजे के बीच शहर का दौरा कर एटीएम का हाल जाना।
केनरा बैंक - बागपत रोड
बैंक के एटीएम में कैश था, लेकिन काफी देर बाद एक ही युवक कैश निकालने आया। पूछने पर बताया कि पहले तो वह कैश निकालते हुए डर रहा था लेकिन जरूरत अधिक थी इसलिए नकदी निकाल ली।
एसबीआई रेलवे रोड
मेन चौराहे पर होने की वजह से यहां भी अक्सर भीड़ रहती है, लेकिन मंगलवार को एटीएम परिसर में कोई नहीं था। हालांकि इसमें कैश था, लेकिन काफी देर तक कोई निकालने नहीं आया।
सिंडिकेट बैंक मेट्रो प्लाजा
एटीएम की स्क्रीन पर आउट ऑफ सर्विस का मैसेज आ रहा था। ये काम नहीं कर रहा था। पास में ही बैंक के अंदर जाकर जानकारी ली गई तो प्रबंधक ने बताया कि साइबर अटैक का मामला नहीं है। तकनीकी समस्या है ठीक करा दी जाएगी।
यूनियन बैंक दिल्ली रोड
इस बैंक के एटीएम में अक्सर भीड़ लगी रहती है, लेकिन मंगलवार को ये खाली था। केवल एक युवक यहां एटीएम से कैश निकाल रहा था।
क्या है रेनसमवेयर
यह एक प्रकार का मालवेयर है जो कंप्यूटर सिस्टम के एक्सेस को ब्लॉक कर देता है। यह कंप्यूटर में सेव डाटा को क्षतिग्रस्त कर देता है। साइबर क्रिमनल बाद में इस डाटा को सही करने के लिए फिरौती मांगते हैं। फिरौती की रकम बिट काइन में मांगी जाती है। इससे बचने के लिए सिस्टम में यदि बैड ब्लॉक, बर्ट, फाइंड जिप, ग्लोब, जिगसा आदि मैसेज लिखे आएं तो अलर्ट हो जाना चाहिए।
ऐसे करें बचाव
किसी भी अंजाने ई-मेल में अटैच लिंक पर अनावश्यक क्लिक ना करें।
कंप्यूटर सिस्टम में विंडो फायरवॉल का प्रयोग करें।
पायरेटेड सॉफ्टवेयर का प्रयोग ना करें। एंटी वायरस का प्रयोग करें।
अपने महत्वपूर्ण डाटा को दो कापी हार्डडिस्क में ऑन लाइन रखें और समय-समय पर कंप्यूटर का बैकअप लें।
वायरस आने पर यह करें
तुरंत अपने कंप्यूटर को नेटवर्किंग सिस्टम से अलग कर दें।
क्षतिग्रस्त डाटा को सेव कर लें।
घटना की जानकारी सीआईआरटीडॉटइन के टोल फ्री नंबर 1800114999 पर दें।
साइबर सेल से करें शिकायत
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि यदि किसी के सिस्टम में ये वायरस आ जाता है तो वह साइबर सेल को मोबाइल नंबर 8958554058 पर जानकारी दे सकता है।
साइबर अटैक की दहशत से एटीएम बंद
जिले के अधिकांश एटीएम पर साइबर अटैक का खतरा बढ़ा हुआ है। साइबर एक्सपर्ट इसकी बड़ी वजह बैंक प्रबंधनों की लापरवाही मान रहे हैं। दरअसल, अधिकांश एटीएम में आज भी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए विंडो 7 वर्जन प्रयोग हो रहा है, जबकि मार्केट में विंडो 10 से ऊपर के वर्जन मौजूद हैं। वायरस ‘रेन्समवेयर वानाक्राई’ के साइबर अटैक की दहशत के कारण मंगलवार को ऐसे एटीएम बंद रहे, जिनमें अपडेट विंडो का प्रयोग नहीं हो रहा है। इससे लोगों को परेशानी हुई।
इन दिनों ‘रेन्समवेयर वानाक्राई’ वायरस के साइबर अटैक की दहशत है। आईटी एक्सपर्ट के अनुसार विंडो 10 में वायरस अटैक की संभावना कम है। विंडो के पुराने वर्जन पर ही इसका खतरा अधिक है। जिले के कई बैंकों में अभी भी विंडो 7 प्रयोग हो रही है। गोला कुंआ और बुढ़ाना गेट स्थित एचडीएफसी के एटीएम इसी कारण बंद हैं। इन्हें सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद चालू किया जाएगा। एसबीआई की कई शाखाओं में भी विंडो 7 यूज हो रही है। पुराना बागपत अड्डा स्थित एक्सिस बैंक में कनेक्टिविटी नहीं होने से काम प्रभावित हुआ। बैंक स्टाफ ने बताया कि साफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। यूनियन बैंक की दिल्ली रोड ब्रांच के प्रबंधक पीएन गनोठिया ने बताया कि उनके यहां विंडो 10 का प्रयोग हो रहा है।
ये कहते हैं बैंक अफसर
एसबीआई कैंट ब्रांच के एजीएम संजय सिंह का दावा है कि उनकी सभी बैंक शाखाओं और एटीएम में सही वर्क हो रहा है। कहीं से भी किसी तरह की शिकायत नहीं आई है।
एसबीआई रेलवे रोड के प्रबंधक सुजीत कुमार कहते हैं कि हमारे यहां विंडो 7 प्रयोग होती है। फिलहाल दिक्कत नहीं है।
दिल्ली चुंगी स्थित एचडीएफसी बैंक प्रबंधक ने बताया कि शहर में बैंक के 18 एटीएम हैं। जिनमें से 16 चालू हैं।
एलडीएम अवीनाश तांती ने बताया कि आरबीआई ने सभी बैंकों को गाइड लाइन जारी कर अपने ब्रांच और एटीएम के पुराने साफ्टवेयर अपडेट कराने को कहा है। सामान्य गाइड लाइन आरबीआई ने जारी की है। जिसका पालन सभी बैंकों को करना है। फिलहाल जनपद में कहीं से भी कोई शिकायत नहीं आई है।