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Meerut News: गो आश्रय स्थलों पर कम से कम छह सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे
Mon, 29 Dec 2025 07:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 29 Dec 2025 07:49 PM IST
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जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिखाई सख्ती
-गो आश्रय स्थलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विकास भवन सभागार में डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें जनपद में चल रही गोशाला में गोवंश के संरक्षण, देखभाल और व्यवस्था की जानकारी ली। गो-आश्रय स्थल में सीसीटीवी न लगाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने कहा है कि तीन दिन में सभी गो-आश्रय स्थलों में न्यूनतम छह-छह सीसीटीवी कैमरे लगाएं। इनका कंट्रोल रूम विकास भवन में स्थापित किया जाए, इससे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और सीडीओ भी निगरानी कर सकें। लावरवाही पर अफसर नपेंगे।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप कुमार द्वारा गोवंशों की देखरेख करने की व्यवस्था के बारे में बताया। डीएम ने निर्देश दिए कि सड़कों एवं खुले क्षेत्रों में घूम रहे सभी गोवंशों को तत्काल नजदीकी गो-आश्रय स्थलों में सुरक्षित कराया जाए। ठंड के मौसम को देखते हुए गोवंश की ठंड से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। रात में ही गो-आश्रय स्थल पर अलाव की व्यवस्था, पर्याप्त बिजली और पानी होना सुनिश्चित करें। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए है कि जनपद के सभी गो-आश्रय स्थलों हेतु काऊ कोट निर्माण के लिए 25 हजार बोरे तत्काल उपलब्ध कराएं। मवाना, खरखौदा, सिवालखास एवं खिवाई नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिवस के भीतर क्रियाशील कराया जाए। 14 नवंबर 2025 के मानकों के अनुरूप ही गोवंश को भूसा, हरा चारा, साइलेज एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में गोचर भूमि को टैग कर उसमें सोरगम, नैपियर घास एवं अन्य हरे चारे के उत्पादन हेतु एडीएम से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सीडीओ नूपुर गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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-गो आश्रय स्थलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विकास भवन सभागार में डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें जनपद में चल रही गोशाला में गोवंश के संरक्षण, देखभाल और व्यवस्था की जानकारी ली। गो-आश्रय स्थल में सीसीटीवी न लगाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने कहा है कि तीन दिन में सभी गो-आश्रय स्थलों में न्यूनतम छह-छह सीसीटीवी कैमरे लगाएं। इनका कंट्रोल रूम विकास भवन में स्थापित किया जाए, इससे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और सीडीओ भी निगरानी कर सकें। लावरवाही पर अफसर नपेंगे।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप कुमार द्वारा गोवंशों की देखरेख करने की व्यवस्था के बारे में बताया। डीएम ने निर्देश दिए कि सड़कों एवं खुले क्षेत्रों में घूम रहे सभी गोवंशों को तत्काल नजदीकी गो-आश्रय स्थलों में सुरक्षित कराया जाए। ठंड के मौसम को देखते हुए गोवंश की ठंड से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। रात में ही गो-आश्रय स्थल पर अलाव की व्यवस्था, पर्याप्त बिजली और पानी होना सुनिश्चित करें। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए है कि जनपद के सभी गो-आश्रय स्थलों हेतु काऊ कोट निर्माण के लिए 25 हजार बोरे तत्काल उपलब्ध कराएं। मवाना, खरखौदा, सिवालखास एवं खिवाई नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिवस के भीतर क्रियाशील कराया जाए। 14 नवंबर 2025 के मानकों के अनुरूप ही गोवंश को भूसा, हरा चारा, साइलेज एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में गोचर भूमि को टैग कर उसमें सोरगम, नैपियर घास एवं अन्य हरे चारे के उत्पादन हेतु एडीएम से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सीडीओ नूपुर गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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