एशियाई वॉलीबाल चैंपियनशिप: ईरान में टीम इंडिया ने जीता कांस्य पदक, पश्चिमी यूपी में जश्न का माहौल
Asian Volleyball Championship: अंडर-18 एशियन चैंपियनशिप में भारतीय टीम द्वारा कांस्य पदक जीतने से पश्चिमी यूपी में जश्न का माहौल है।
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Asian Volleyball Championship: ईरान में खेली गई अंडर-18 एशियन चैंपियनशिप में भारत की टीम ने कांस्य पदक जीता है। टीम में मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली कस्बे के आर्यन बालियान, सहारनपुर के देवबंद के आदित्य राणा और बिजनौर के लवी चौधरी भी शामिल थे।
सहारनपुर जिले के बडगांव क्षेत्र के गांव दल्हेड़ी का छोरा आदित्य राणा ईरान में छा गया। अंडर-18 वॉलीबॉल की भारतीय टीम में कुछ दिन पहले उसका चयन हुआ था। भारत की टीम ईरान (तेहरान) में आयोजित एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीती है। 23-24 अगस्त को भारतीय टीम वतन वापसी करेगी और घर पहुंचने पर आदित्य राणा का जोरदार स्वागत किया जाएगा।
16 अगस्त को दी थी थाईलैंड को मात
बता दें कि 16 अगस्त को भारतीय टीम ने रोचक मुकाबले में थाईलैंड को मात दी थी। उसके बाद 18 अगस्त को कोरिया के साथ मुकाबले में भी एकतरफा जीत भारत की टीम ने हासिल की। वहीं 20 अगस्त की शाम को हुए चीनी ताइपे की टीम को कांटे की टक्कर दी और चीनी ताइपे टीम को हराकर सेमीफाइनल क्वालीफाई किया था।
सोमवार को सेमीफाइनल मुकाबला ईरान की टीम के साथ हुआ, जिसमें ईरान की टीम ने भारतीय टीम को हरा दिया। वहीं सोमवार देर शाम को चैंपियनशिप में कांस्य पदक के लिए कोरिया की टीम के साथ भारत की टीम का मुकाबला हुआ, जिसमें भारत की टीम ने कोरिया को हराकर कांस्य पदक पर अपना कब्जा किया।
2003 में जीता था भारत ने अंडर-18 खिताब
भारत ने 2003 में एशियाई अंडर-18 लड़कों की वॉलीबॉल चैंपियनशिप का खिताब जीता था। उसके बाद भारतीय टीम 2005, 2008 में कांस्य पदक जीतने के अलावा 2007 में उपविजेता रही थी। अब 2010 के बाद पहली बार भारत की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर सेमीफाइनल में क्वालीफाई किया। अब फाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-2 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। टीम ने कांस्य पदक हासिल कर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम की इस जीत से 2023 में अंडर-19 वॉलीबॉल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिलेगी।
साधारण किसान परिवार से आदित्य राणा
बता दें कि यूपी के जिला सहारनपुर के गांव दल्हेड़ी के रहने वाला आदित्य राणा एक साधारण किसान के परिवार से है। आदित्य राणा पिता शिवकुमार सिंह के इकलौती बेटे हैं। इससे पहले परिवार के किसी भी सदस्य का खेलों से कभी कोई नाता नहीं रहा है। अपनी मेहनत और काबिलियत के बलबूते आदित्य का चयन भारत की वॉलीबॉल अंडर-18 टीम में हुआ और आज ईरान में भारत की टीम को कांस्य पदक दिलाया है। कांस्य पदक आने पर गांव देहात में खुशी का माहौल है।
गांव के स्कूल से 12वीं कक्षा पास की थी आदित्य ने
आदित्य राणा जब गांव के ही बाबा मोहन सिंह इंटर काॅलेज दल्हेड़ी में कक्षा 12 की शिक्षा ग्रहण कर रहा था तो प्रशिक्षक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था। 17 वर्षीय आदित्य राणा की फुर्ती और ऊंचे कद के कारण उसकी वॉलीबॉल में पहचान बनी और बेहतरीन प्रदर्शन के चलते वर्ष 2019 भारतीय खेल प्राधिकरण अयोध्या स्पोर्ट काॅलेज में आदित्य का चयन हो गया था।
सीनियर वॉलीबॉल टीम में खेलने का लक्ष्य
आदित्य के ताऊ ओमपाल सिंह ने बताया कि आदित्य का लक्ष्य देश की सीनियर वॉलीबॉल टीम में खेलकर मेडल जीतने का है। वॉलीबॉल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण ही उसे भारत की अंडर-18 टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर ईरान के तेहरान में सेमीफाइनल खेलते समय दाहिने हाथ की अंगुली में चोट न लगती तो आज बात ही कुछ अलग होती।