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एशियन गेम्स: किरण बालियान बोलीं संसाधनों की कमी, हौसले से खेलेंगे तो मिलेगी कामयाबी

Sun, 01 Oct 2023 06:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 01 Oct 2023 06:49 PM IST
सार

मेरठ की किरण बलियान ने जब एशियन गेम्स में कांस्य जीता तो मां की आंखे खुशी से छलक आईं। बताया कि एक वक्त ऐसा था कि लोग उनकी बेटी को खेलने से रोकते थे आज बेटी ने पदक से उन सभी को जवाब दिया है।

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Asian Games: Kiran Baliyan says that  lack of resources, if you play with courage you will get success
किरण बालियान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एशियन गेम्स में 72 साल बाद महिला वर्ग गोला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाने वाली मेरठ की किरण बालियान का कहना है कि अपने जिले सहित पश्चिमी यूपी में संसाधनों की कमी है, लेकिन युवा खिलाड़ी हौसले से खेलेंगे तो कामयाबी जरूर मिलेगी। खिलाडि़यों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना है। किरण ने जीत का श्रेय कोच रोबिन सिंह, माता बॉबी, पिता सतीश बालियान और जाट समाज से चौधरी कल्याण सिंह को दिया है।

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चीन के हांगझाऊ से फोन पर अमर उजाला से बातचीत में किरण ने कहा कि खिलाड़ी को संघर्ष के समय में समाज का साथ मिल जाए तो सफलता निश्चित मिलेगी। उनके कोच रोबिन सिंह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान दौरे पर साथ जाते थे और प्रशिक्षण भी देते थे। कोच के मार्गदर्शन से यह सफलता मिली। उन्होंने कहा कि मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में भी सीमित संसाधन हैं, लेकिन खिलाड़ियों में जुनून कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की तरह यूपी में खेलों के लिए संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। इससे परिणाम अच्छे होंगे। वहीं, खिलाड़ियों के इरादे मजबूत रहने चाहिएं।

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उन्होंने बताया कि माता बॉबी ने भी पूरा ध्यान रखा। करीब 10 साल तक सुबह साथ स्टेडियम लेकर जाने और हौसला बढ़ाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। पिता ने भी हमेशा खेलों को लेकर प्रोत्साहित किया।

माता-पिता अपने बच्चों पर विश्वास करेंगे तो वे अवश्य आगे बढ़ेंगे। उन्हें अपनी उड़ान उड़ने दें। किरण ने कहा कि जाट समाज के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कल्याण सिंह ने भी उनका हर कदम पर साथ दिया। कोई दिक्कत होती थी तो वह उन्हें बेझिझक कह देती थीं। मैं आजीवन उनकी आभारी रहूंगी।

2024 पेरिस ओलंपिक में जगह बनाना लक्ष्य
किरण ने पदक के साथ देश का मान बढ़ाया, लेकिन वह ओलंपिक क्वालिफाई मार्क 18.10 मीटर तक पहुंचने में नाकाम रहीं। उन्होंने 17.36 मीटर के साथ देश को कांस्य पदक दिलाया। किरण ने कहा कि 2023 में बहुत प्रतियोगिताएं होंगी, जिसमें ओलंपिक में कोटा लेने का लक्ष्य होगा। पेरिस ओलंपिक-2024 में ज्यादा समय भी बचा नहीं है। ऐसे में कड़ी मेहनत जारी रखेंगी।
 

सर्वसमाज के प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खड़ा है जाट समाज : चौधरी कल्याण सिंह
जाट समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला कुश्ती संघ के संरक्षक चौधरी कल्याण सिंह ने कहा कि मेरठ जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ऐसे में समाज ने ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को गोद लेने की जिम्मेदारी उठाई है।

उन्होंने कहा कि जिले कई प्रतिभावान खिलाड़ियों की समाज हर माह आर्थिक मदद कर रहा है। सर्वसमाज के प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद के लिए जाट समाज तत्पर है। उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्या के कारण युवावस्था में ही कुश्ती खेलना छोड़ दिया था। इसकी टीस आज भी है। समाज के सम्मानित लोगों को भी इस पहल के लिए आगे आना होगा।

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