दिल्ली-मेरठ रैपिड प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, एशियन डेवलपमेंट बैंक के अधिकारियों ने किया निरीक्षण
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दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के अधिकारियों ने साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी लेते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन अधिकारियों से वार्ता की।
एनसीआरटीसी ने अपनी वेबसाइट पर वार्ता के फोटो अपलोड कर यह जानकारी दी। एशियन डेवलपमेंट बैंक के डायरेक्टर जनरल सहित अन्य अधिकारियों ने गाजियाबाद के दुहाई में साइट पर जाकर रैपिड रेल प्रोजेक्ट का कार्य देखा।
पिछले दिनों एशियन डेवलपमेंट बैंक ने देश के सबसे पहले रैपिड रेल कॉरिडोर में सहायता देने के लिए सहमति दी थी। एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि एशियन डेवलपमेंट बैंक प्रोजेक्ट के लिए 13-14 हजार करोड़ निवेश करने के लिए तैयार है। इसके लिए वित्त मंत्रालय से सहमति का इंतजार है। इसके बाद रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए धन की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए 30 हजार 274 करोड रुपये की जरुरत होगी। प्रोजेक्ट में फंड की कमी न हो इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है जिससे एडीबी बैंक इस प्रोजेक्ट के लिए सहयोग कर सके। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को भी फंड में सहायता करनी है।
एनसीआरटीसी एमडी ने दी प्रेजेंटेशन
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के एमडी विनय कुमार ने एडीबी के डायरेक्टर जनरल को प्रोजेक्ट की खूबियों के बारे में बताया। वहीं, डायरेक्टर जनरल ने भी प्रोजेक्ट से मिलने वाले लोगों को लाभ के बारे में पूछा।
यह है एशियन डेवलपमेंट बैंक
इस बैंक की स्थापना 19 दिसंबर 1966 को की गई। इस बैंक की स्थापना 31 सदस्यों के साथ हुई थी। अब इसके पास अब 67 सदस्य हैं। जिसमें एशिया से 48 और 19 सदस्य बाहरी हैं। इस बैंक ने अभी तक इंडोनेशिया में भूकंप ओर सुनामी के लिए आपातकालीन सहायता परियोजना, पश्चिमी हुबैई प्रांत के पर्वतीय क्षेत्र के लिए रेल मार्ग परियोजना आदि के लिए सहयोग किया है।