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सैन्यकर्मी सर्वेश का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
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हवलदार सर्वेश कुमार को सलामी देते हुए। (बहसूमा)
बहसूमा। सैन्यकर्मी सर्वेश कुमार (39) का शुक्रवार की सुबह हस्तिनापुर स्थित कर्ण घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
गांव करीमपुर निवासी सर्वेश कुमार बृहस्पतिवार की सुबह खेत में गन्ना बुवाई के लिए जा रहा था। रास्ते में हस्तिनापुर रोड स्थित रजबहे में ट्रैक्टर अनियंत्रित हो पलट गया। हादसे के बाद जानकारी पर जमा हुई भीड़ ने जैसे-तैसे गंभीर रूप से घायल सर्वेश को बाहर निकाला। गंभीर हालत में सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन बृहस्पतिवार रात शव लेकर घर पहुंचे।
शुक्रवार की सुबह सैन्य कर्मी तिरंगा लेकर उनके गांव पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। तिरंगे में शव को लपेटकर अंतिम यात्रा के लिए हस्तिनापुर पहुंचे। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ कर्ण घाट पर अंतिम संस्कार आर्मी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। सर्वेश के शव को उसके पुत्र हिमांशु ने मुखाग्नि दी। मृतक के बड़े भाई सैन्य कर्मी रंजीत ने बताया कि उसका छोटा भाई सर्वेश कुमार ग्लेशियर बॉर्डर पर हवलदार के पद पर तैनात था। उन्होंने हमेशा देश सेवा की है। भारत-पाकिस्तान के साथ हो रहे युद्ध में छुट्टी रद्द होने पर उन्हें बॉर्डर पर जाना था। 15 अप्रैल को वह गांव में अवकाश पर आए थे। पत्नी कविता, पुत्री अनीता व पुत्र हिमांशु ने उनके पार्थिव शरीर को सलामी देते हुए नमन किया।
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गांव करीमपुर निवासी सर्वेश कुमार बृहस्पतिवार की सुबह खेत में गन्ना बुवाई के लिए जा रहा था। रास्ते में हस्तिनापुर रोड स्थित रजबहे में ट्रैक्टर अनियंत्रित हो पलट गया। हादसे के बाद जानकारी पर जमा हुई भीड़ ने जैसे-तैसे गंभीर रूप से घायल सर्वेश को बाहर निकाला। गंभीर हालत में सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन बृहस्पतिवार रात शव लेकर घर पहुंचे।
शुक्रवार की सुबह सैन्य कर्मी तिरंगा लेकर उनके गांव पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। तिरंगे में शव को लपेटकर अंतिम यात्रा के लिए हस्तिनापुर पहुंचे। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ कर्ण घाट पर अंतिम संस्कार आर्मी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। सर्वेश के शव को उसके पुत्र हिमांशु ने मुखाग्नि दी। मृतक के बड़े भाई सैन्य कर्मी रंजीत ने बताया कि उसका छोटा भाई सर्वेश कुमार ग्लेशियर बॉर्डर पर हवलदार के पद पर तैनात था। उन्होंने हमेशा देश सेवा की है। भारत-पाकिस्तान के साथ हो रहे युद्ध में छुट्टी रद्द होने पर उन्हें बॉर्डर पर जाना था। 15 अप्रैल को वह गांव में अवकाश पर आए थे। पत्नी कविता, पुत्री अनीता व पुत्र हिमांशु ने उनके पार्थिव शरीर को सलामी देते हुए नमन किया।
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