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अर्जुन अवार्डी बॉक्सर मेरठ में सिखाएंगे बॉक्सिंग के गुर
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अर्जुन अवार्डी बॉक्सर मेरठ में सिखाएंगे बॉक्सिंग के गुर
मेरठ। भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच 53 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह यादव मेरठ में बॉक्सिंग के खिलाड़ियों को तराशेंगे। वह कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी में जल्द ही अपनी एकेडमी शुरू करने जा रहे हैं। धर्मेंद्र यादव भारत के पहले प्रोफेशनल बॉक्सर हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ के साथ 19 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। 1991 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।
वर्तमान में पटियाला में एनआईएस सेंटर में ओलंपिक कैंप में भारतीय टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने साढ़े 17 साल की उम्र में कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता। अपने करियर की शुरुआत में 6 फाईट अनबिटेन लड़ीं, जो एक रिकॉर्ड है। वह 19 साल की उम्र में सीआईएसएफ में इंस्पेक्टर बने, जबकि 2010 में 38 वर्ष की उम्र में सीआईएसएफ से इस्तीफा दे दिया। बॉक्सिंग वर्ल्ड रैंकिंग में वो तीसरे स्थान पर रह चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंद्र कुमार, विकास सहित कई बड़े बॉक्सरों के कोच रह चुके हैं। धर्मेंद्र यादव के बेटे कृष्ण यादव ने बताया कि मेरठ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इसकी वजह से सबसे पहली एकेडमी मेरठ में तैयार हो रही है। एकेडमी में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मेरठ। भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच 53 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह यादव मेरठ में बॉक्सिंग के खिलाड़ियों को तराशेंगे। वह कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी में जल्द ही अपनी एकेडमी शुरू करने जा रहे हैं। धर्मेंद्र यादव भारत के पहले प्रोफेशनल बॉक्सर हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ के साथ 19 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। 1991 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।
वर्तमान में पटियाला में एनआईएस सेंटर में ओलंपिक कैंप में भारतीय टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने साढ़े 17 साल की उम्र में कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता। अपने करियर की शुरुआत में 6 फाईट अनबिटेन लड़ीं, जो एक रिकॉर्ड है। वह 19 साल की उम्र में सीआईएसएफ में इंस्पेक्टर बने, जबकि 2010 में 38 वर्ष की उम्र में सीआईएसएफ से इस्तीफा दे दिया। बॉक्सिंग वर्ल्ड रैंकिंग में वो तीसरे स्थान पर रह चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंद्र कुमार, विकास सहित कई बड़े बॉक्सरों के कोच रह चुके हैं। धर्मेंद्र यादव के बेटे कृष्ण यादव ने बताया कि मेरठ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इसकी वजह से सबसे पहली एकेडमी मेरठ में तैयार हो रही है। एकेडमी में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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