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हर्रा में कान्हा गोशाला निर्माण को स्वीकृति
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सरूरपुर। नगर पंचायत हर्रा में भी कान्हा गोशाला बनाने की स्वीकृति दे दी है। नगर पंचायत के प्रस्ताव को शासन ने मंजूर कर लिया है। जिसको लेकर शासनादेश जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि कस्बा हर्रा में गोशाला के लिए नगर पंचायत ने प्रस्ताव दिया था। जिसमें 1 करोड़ 66 लाख से बनने वाली गोशाला के लिए शासन की ओर से जल्द ही पहली किस्त जारी होने वाली है। प्रदेश सरकार ने गोकशी पर रोक लगाने के बाद वर्ष 2016-17 में योजना शुरू की थी। इसके तहत सभी स्थानीय नगर निकायों में एक कान्हा पशु आश्रय स्थल बनाए जाने का प्रावधान किया गया। इनमें आवारा रूप से भटकने वाले पशुओं को रखा जाना है। उस समय योजना पर ध्यान नहीं दिया गया। गोकशी के मामले में कई जिलों में हुए बवाल के बाद शासन की ओर से शिकंजा कसा गया तो वर्ष 2019 में चार निकायों में जमीन चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें नगर पंचायत हर्रा से शासन को प्रस्ताव भेजा था। यह धनराशि दो किस्त के रूप में नगर पंचायत को जारी की जाएगी। एक हेक्टेयर जमीन पर गोशाला बनाने के लिए टेंडर मांगे गए हैं। जिसके तहत नगर पंचायत ने अपने स्तर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू हो जाएगा। इस योजना में ऐसे ही पशुओं को सुरक्षित रखने का बेहतर एवं हाईटेक स्थान बनाया जाना है। जहां पक्का निर्माण, चारा, पानी, बायो गैस प्लांट, सौर ऊर्जा आदि का बंदोबस्त रहेगा।
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अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि कस्बा हर्रा में गोशाला के लिए नगर पंचायत ने प्रस्ताव दिया था। जिसमें 1 करोड़ 66 लाख से बनने वाली गोशाला के लिए शासन की ओर से जल्द ही पहली किस्त जारी होने वाली है। प्रदेश सरकार ने गोकशी पर रोक लगाने के बाद वर्ष 2016-17 में योजना शुरू की थी। इसके तहत सभी स्थानीय नगर निकायों में एक कान्हा पशु आश्रय स्थल बनाए जाने का प्रावधान किया गया। इनमें आवारा रूप से भटकने वाले पशुओं को रखा जाना है। उस समय योजना पर ध्यान नहीं दिया गया। गोकशी के मामले में कई जिलों में हुए बवाल के बाद शासन की ओर से शिकंजा कसा गया तो वर्ष 2019 में चार निकायों में जमीन चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें नगर पंचायत हर्रा से शासन को प्रस्ताव भेजा था। यह धनराशि दो किस्त के रूप में नगर पंचायत को जारी की जाएगी। एक हेक्टेयर जमीन पर गोशाला बनाने के लिए टेंडर मांगे गए हैं। जिसके तहत नगर पंचायत ने अपने स्तर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू हो जाएगा। इस योजना में ऐसे ही पशुओं को सुरक्षित रखने का बेहतर एवं हाईटेक स्थान बनाया जाना है। जहां पक्का निर्माण, चारा, पानी, बायो गैस प्लांट, सौर ऊर्जा आदि का बंदोबस्त रहेगा।
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