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धर्म का अंक लगाने से बढ़ेगी जीवन की महत्ता : भारत भूषण मुनिराज
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धर्म का अंक लगाने से बढ़ेगी जीवन की महत्ता : भारत भूषण मुनिराज
हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 17वें दिन बृहस्पतिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण मुनिराज ने कहा कि धर्म जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। धर्म की क्रिया में बहाना मत बनाना, बल्कि उसमें बह जाना। हमारा जीवन शून्य के समान है। अपने निरर्थक व शून्य जीवन में धर्म का अंक लगाना होगा, तभी तुम्हारी महत्ता बढ़ेगी।
स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य तरुण जैन, शांतिधारा करने का सौभाग्य सुरेशचंद जैन, उमेशचंद जैन, तरुण जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सतीशचंद व सलिल जैन ने किया। विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। जिसमें 301 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। भक्तामर पाठ का शुभारंभ मोतीलाल जैन ने संस्कृत भाषा में किया।
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अनेक प्रांतों से पधारे श्रद्धालुओं ने विधान पाठ में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। विधान का विसर्जन निर्मल जैन, कुसुमलता जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन वेदप्रकाश जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मायरा जैन, वैशाली जैन ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र, सह संयोजक मोतीलाल जैन, वेदप्रकाश जैन आदि का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 17वें दिन बृहस्पतिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण मुनिराज ने कहा कि धर्म जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। धर्म की क्रिया में बहाना मत बनाना, बल्कि उसमें बह जाना। हमारा जीवन शून्य के समान है। अपने निरर्थक व शून्य जीवन में धर्म का अंक लगाना होगा, तभी तुम्हारी महत्ता बढ़ेगी।
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स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य तरुण जैन, शांतिधारा करने का सौभाग्य सुरेशचंद जैन, उमेशचंद जैन, तरुण जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सतीशचंद व सलिल जैन ने किया। विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। जिसमें 301 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। भक्तामर पाठ का शुभारंभ मोतीलाल जैन ने संस्कृत भाषा में किया।
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अनेक प्रांतों से पधारे श्रद्धालुओं ने विधान पाठ में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। विधान का विसर्जन निर्मल जैन, कुसुमलता जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन वेदप्रकाश जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मायरा जैन, वैशाली जैन ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र, सह संयोजक मोतीलाल जैन, वेदप्रकाश जैन आदि का सहयोग रहा।