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Meerut News: कचहरी समाचार
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सीएमओ व एसडीएम सहित 11 अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने से संबंधित प्रार्थना पत्र खारिजसंवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-1आलोक द्विवेदी ने मुकेश कुमार निवासी अब्दुल्लापुर की शिकायत पर भ्रष्टाचार के मामले में दिए गए प्रार्थना पत्र को पर्याप्त आधार न पाए हुए खारिज कर दिया। मुकेश कुमार ने सीएमओ डॉ अशोक कुमार कटारिया, एसडीएम मेरठ दीक्षा जोशी, प्रभारी प्राथमिक चिकित्सा सामुदायिक केंद्र मेरठ डॉक्टर दिव्या संभल, एसडीएम मेरठ दीपक माथुर व सचिव एमडीए आनंद कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांति प्रसाद, नायब तहसीलदार सतीश कुमार, जेई पीके जैन व संदीप शर्मा, लेखपाल बालेंद्र चौधरी एवं सुषमा देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से संबंधित प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया था।
आरोपी अधिकारियों में कुछ अधिकारियों के अधिवक्ता मुकेश कुमार मित्तल ने बताया कि शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र अब्दुल्लापुर मेरठ के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इसी के अनुक्रम में अब्दुल्लापुर के खसरा संख्या 493 की 300 वर्ग मीटर भूमि जिलाधिकारी मेरठ के पत्रांक के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। प्रश्नगत भूमि पर परिवार कल्याण उप केंद्र के निर्माण भवन हेतु शासन से 30 लाख 42 हजार रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं। प्रश्न का संपत्ति पर लेंटर डालकर भवन बना दिया है जिसमें सभी आरोपियों द्वारा सांठगांठ कर कार्य किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर कर्तव्य निर्वहन नहीं करने का आरोप न्यायालय के समक्ष लगाया और प्रार्थना पत्र में कहा कि आरोपियों ने लोक सेवक होते हुए भी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अवैध स्रोतों एवं भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जित की गई है। जिसका न्यायालय में आरोपियों के अधिवक्ता मुकेश कुमार मित्तल ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रार्थना पत्र को पर्याप्त आधार न पाए हुए खारिज कर दिया।
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मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-1आलोक द्विवेदी ने मुकेश कुमार निवासी अब्दुल्लापुर की शिकायत पर भ्रष्टाचार के मामले में दिए गए प्रार्थना पत्र को पर्याप्त आधार न पाए हुए खारिज कर दिया। मुकेश कुमार ने सीएमओ डॉ अशोक कुमार कटारिया, एसडीएम मेरठ दीक्षा जोशी, प्रभारी प्राथमिक चिकित्सा सामुदायिक केंद्र मेरठ डॉक्टर दिव्या संभल, एसडीएम मेरठ दीपक माथुर व सचिव एमडीए आनंद कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांति प्रसाद, नायब तहसीलदार सतीश कुमार, जेई पीके जैन व संदीप शर्मा, लेखपाल बालेंद्र चौधरी एवं सुषमा देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से संबंधित प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया था।
आरोपी अधिकारियों में कुछ अधिकारियों के अधिवक्ता मुकेश कुमार मित्तल ने बताया कि शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र अब्दुल्लापुर मेरठ के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इसी के अनुक्रम में अब्दुल्लापुर के खसरा संख्या 493 की 300 वर्ग मीटर भूमि जिलाधिकारी मेरठ के पत्रांक के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। प्रश्नगत भूमि पर परिवार कल्याण उप केंद्र के निर्माण भवन हेतु शासन से 30 लाख 42 हजार रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं। प्रश्न का संपत्ति पर लेंटर डालकर भवन बना दिया है जिसमें सभी आरोपियों द्वारा सांठगांठ कर कार्य किया गया है।
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शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर कर्तव्य निर्वहन नहीं करने का आरोप न्यायालय के समक्ष लगाया और प्रार्थना पत्र में कहा कि आरोपियों ने लोक सेवक होते हुए भी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अवैध स्रोतों एवं भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जित की गई है। जिसका न्यायालय में आरोपियों के अधिवक्ता मुकेश कुमार मित्तल ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रार्थना पत्र को पर्याप्त आधार न पाए हुए खारिज कर दिया।
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