अपराजिता: आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें बेटियां, अधिकारों के लिए जागरूक करने की दिलाई शपथ
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे अपराजिता अभियान के अंतर्गत इंडियन पब्लिक इंटर कॉलेज फीना में आधुनिक युग की नारी सशक्त अथवा कमजोर, विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिए गए विषय पर खुलकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को नारियों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
शनिवार की हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य आदेश कुमारी ने कहा कि आधुनिक काल में महिलाओं की दशा में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अफसोस की बात है कि कुछ जगह अभी भी महिलाओं और पुरुषों में अंतर समझा जाता है। बेटों के जन्म पर जहां खुशियां मनाई जाती हैं, वहीं बेटी का जन्म होने पर मातम जैसा माहौल हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में नारियों को पूजनीय समझा जाता था, वहीं स्थिति फिर से लाने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं को परिस्थितियों से डरकर नहीं बल्कि डटकर उनका सामना करने और जीवन में कुछ ऐसा करने की सलाह दी कि लोग उसका उदाहरण दें। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते की सलाह दी। इस दौरान हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता में सायना अंसारी, स्वाति चौहान, सुनैना, पल्लवी, शिवानी आदि छात्राओं ने महिलाओं की कमजोरियों एवं उनकी ताकत पर खुलकर अपने विचार रखे। छात्राओं ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमर उजाला केवल खबरों में ही नही सामाजिक कार्यों में भी नंबर एक है।
समाज की सोच बदलनी जरूरी
शिक्षिका गीतिका का कहना है कि महिलाओं पर बचपन से ही पाबंदियां लगाई जाती हैं, जबकि पुरुषों को खुली छूट दे दी जाती है। समाज की इस दोहरी मानसिकता में बदलाव आए तो नारी को अपराजिता बनने से कोई नही रोक सकता।
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संकोच छोड़कर शोषण के विरुद्ध आवाज उठाएं
शिक्षिका कविता ने कहा कि महिलाओं को बदनामी का भय दिखाकर कई बार उनका शोषण किया जाता है। अपराध सहने वाला भी अपराध करने वाले के बराबर दोषी होता है, इसलिए संकोच को छोड़कर अपने ऊपर होने वाले अपराध के विरुद्ध आवाज उठानी आवश्यक है।
छात्राओं का बढ़ेगा मनोबल
छात्रा स्वाति ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि उनके विद्यालय में पहली बार किसी समाचार पत्र के माध्यम से छात्राओं के लिए कार्यक्रम हुआ है। इस कार्यक्रम से सभी छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा।
आत्मनिर्भर होना आवश्यक
छात्रा पल्लवी ने कहा कि आधुनिक युग में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तभी वह अपने हक के लिए लड़ सकती हैं।
खुद में आत्मविश्वास जगाएं
शिवानी ने कहा कि आत्मविश्वास की कमी तरक्की में बाधक होती है। उच्च शिक्षा आत्मविश्वास पैदा करती है, इसलिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना महिलाओं के लिए अति आवश्यक है।
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