{"_id":"5c9f5932bdec2214012780c0","slug":"aparajita-do-not-be-afraid-police-is-your-friend-sp-crime-answers-students-questions","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता: डरें नहीं, पुलिस को समझें अपना दोस्त, छात्रों के सवालों पर बोले एसपी क्राइम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता: डरें नहीं, पुलिस को समझें अपना दोस्त, छात्रों के सवालों पर बोले एसपी क्राइम
Sat, 30 Mar 2019 05:34 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 30 Mar 2019 05:34 PM IST
सार
- अपराजिता के तहत बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल में हुआ 'पुलिस की पाठशाला' का आयोजन।
विज्ञापन
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक, मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शनिवार को बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल में 'पुलिस की पाठशाला' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक, सेक्रेटरी एके सक्सेना, स्कूल के प्रधानाचार्य गोपाल दीक्षित ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने साइबर क्राइम, महिला हेल्प लाइन, ट्रैफिक नियमों से संबंधित सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। इस अवसर पर कोआर्डिनेटर रितु रस्तौगी, रेनू गौतम, कुसुम लता, पूनिता त्यागी, शिवानी सिंह, प्रीति चौहान, रसपाल कौर, आरती, शालिनी सोम, संगीता सिंह आदि शिक्षिकाएं मौजूद रही।
अपनी योग्यता का न करें दुरुपयोग, बनें एक बेहतर नागरिक
स्कूल एक ऐसी जगह है जहां आप अपने भविष्य कर निर्माण करके लिए पहली नींव रखते हैं। आपकी शिक्षा आपकी पहचान बनाती है। अपनी योग्यता का कभी भी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। सभी को संविधान का पालन करना चाहिए। कानून किसे के लिए नहीं बदलता, वह सभी के लिए एक समान है। अपराजिता जैसे कार्यक्रम छात्रों के साथ साथ लोगों एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। - एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक
विज्ञापन
अपनी योग्यता का न करें दुरुपयोग, बनें एक बेहतर नागरिक
स्कूल एक ऐसी जगह है जहां आप अपने भविष्य कर निर्माण करके लिए पहली नींव रखते हैं। आपकी शिक्षा आपकी पहचान बनाती है। अपनी योग्यता का कभी भी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। सभी को संविधान का पालन करना चाहिए। कानून किसे के लिए नहीं बदलता, वह सभी के लिए एक समान है। अपराजिता जैसे कार्यक्रम छात्रों के साथ साथ लोगों एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। - एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक
विज्ञापन
पुलिस वालों का फिट होना जरूरी
छात्र जतिन भाटी ने पुलिस वालों की फिटनेस से संबंधित सवाल पर एसपी क्राइम ने कहा कि पुलिस वालों का फीट होना बहुत जरूरी है। न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए बल्कि स्वस्थ रहने के लिए भी। पुलिस ही अगर अनफिट रहेगी तो जनता की सेवा कौन करेगा। छात्रा भूमिका के पुलिस ही क्यों बनने के सवाल पर एसपी क्राइम बोले कि जनता का सेवक बनना चाहता था इसलिए पुलिस को चुनना। पुलिस को देखकर लोग अपने आपको सुरक्षित महसूस करने लगते हैं और मुझे जनता के इसी भरोसे को कायम रखना है।
छात्रों के सवाल, एसपी क्राइम के जवाब
सवाल - सड़क पर चलते वक्त हमें किन ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। - वंशिका
जवाब - दुपहिया वाहनों पर चलते वक्त हमें हेलमेट लगाना चाहिए, कार चलाते वक्त सीट बेल्ट का प्रयोग करें, गाड़ी चलाते समय फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए, रेड सिग्नल होने पर हमेशा रुकना चाहिए। सिग्नल ग्रीन होने पर ही चलाना चाहिए। भीड़ वाली जगहों पर गाड़ी को तेज रफ्तार से नहीं चलाना चाहिए। - एसपी क्राइम
छात्र जतिन भाटी ने पुलिस वालों की फिटनेस से संबंधित सवाल पर एसपी क्राइम ने कहा कि पुलिस वालों का फीट होना बहुत जरूरी है। न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए बल्कि स्वस्थ रहने के लिए भी। पुलिस ही अगर अनफिट रहेगी तो जनता की सेवा कौन करेगा। छात्रा भूमिका के पुलिस ही क्यों बनने के सवाल पर एसपी क्राइम बोले कि जनता का सेवक बनना चाहता था इसलिए पुलिस को चुनना। पुलिस को देखकर लोग अपने आपको सुरक्षित महसूस करने लगते हैं और मुझे जनता के इसी भरोसे को कायम रखना है।
छात्रों के सवाल, एसपी क्राइम के जवाब
सवाल - सड़क पर चलते वक्त हमें किन ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। - वंशिका
जवाब - दुपहिया वाहनों पर चलते वक्त हमें हेलमेट लगाना चाहिए, कार चलाते वक्त सीट बेल्ट का प्रयोग करें, गाड़ी चलाते समय फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए, रेड सिग्नल होने पर हमेशा रुकना चाहिए। सिग्नल ग्रीन होने पर ही चलाना चाहिए। भीड़ वाली जगहों पर गाड़ी को तेज रफ्तार से नहीं चलाना चाहिए। - एसपी क्राइम
बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
सवाल - पुलिस के नाम से ही मन में एक डर सा रहता है। क्योंकि कोई भी पुलिस के बारे में अच्छा नहीं सोचता। ऐसे में हमें पुलिस से क्या उम्मीद करनी चाहिए। - अनुष्का
जवाब - हमेशा ध्यान रखें कि पुलिस आपकी सेवा के लिए है। आप जब भी कभी मुश्किलों में फंसे तो तुरंत डायल 100 या महिला हेल्प लाइन पर फोन कर सूचित कर सकते हैं। आपकी मदद के लिए पुलिस वहां पहुंचेगी। पुलिस से डरे नहीं बल्कि उनको अपना दोस्त समझे। कोई भी असंविधानिक कार्य होता देखे तो पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दें। - एसपी क्राइम
सवाल - आज कल साइबर क्राइम की घटनाएं ज्यादा हो रही है। हम अपने आप को किस तरह से साइबर क्राइम से बचा सकते हैं। - आयुष
जवाब - कंप्यूटर के माध्यम से किया गया अपराध साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। इस तरह के अपराध से निपटने के लिए देश में आईटी एक्ट बनाया गया है। साइबर क्राइम से बचने के लिए आपको अपनी निजी जानकारी कभी भी सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी नंबर, पिन नंबर आदि किसी को बताने से बचना चाहिए।
सवाल - अगर हमें कोई शिकायत आनलाइन दर्ज करानी है तो उसके लिए क्या करें। - तुषार शर्मा
जवाब - आनलाइन शिकायतें दर्ज कराने के लिए सरकार ने कई वेबसाइट लांच की हुई है। जैसे कि जन सुनवाई मोबाइल एप है, जिस में नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत को दर्ज एवं ट्रैक कर सकता है। संबंधित अधिकारी आपकी समस्या के निस्तारण के लिए कार्रवाई करते हैं। - एसपी क्राइम
जवाब - हमेशा ध्यान रखें कि पुलिस आपकी सेवा के लिए है। आप जब भी कभी मुश्किलों में फंसे तो तुरंत डायल 100 या महिला हेल्प लाइन पर फोन कर सूचित कर सकते हैं। आपकी मदद के लिए पुलिस वहां पहुंचेगी। पुलिस से डरे नहीं बल्कि उनको अपना दोस्त समझे। कोई भी असंविधानिक कार्य होता देखे तो पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दें। - एसपी क्राइम
सवाल - आज कल साइबर क्राइम की घटनाएं ज्यादा हो रही है। हम अपने आप को किस तरह से साइबर क्राइम से बचा सकते हैं। - आयुष
जवाब - कंप्यूटर के माध्यम से किया गया अपराध साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। इस तरह के अपराध से निपटने के लिए देश में आईटी एक्ट बनाया गया है। साइबर क्राइम से बचने के लिए आपको अपनी निजी जानकारी कभी भी सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी नंबर, पिन नंबर आदि किसी को बताने से बचना चाहिए।
सवाल - अगर हमें कोई शिकायत आनलाइन दर्ज करानी है तो उसके लिए क्या करें। - तुषार शर्मा
जवाब - आनलाइन शिकायतें दर्ज कराने के लिए सरकार ने कई वेबसाइट लांच की हुई है। जैसे कि जन सुनवाई मोबाइल एप है, जिस में नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत को दर्ज एवं ट्रैक कर सकता है। संबंधित अधिकारी आपकी समस्या के निस्तारण के लिए कार्रवाई करते हैं। - एसपी क्राइम
सवाल - चिल्ड्रन हेल्पलाइन पर हम किस तरह से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। - पीयुष गुप्ता
जवाब - चिल्ड्रन हेल्पलाइन 18 साल से कम उम्र के बच्चों की समस्याओं को निवारण करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत बच्चे 24 घंटे में कभी भी 1098 पर फोन कर अपने शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह एक नि:शुल्क सेवा है। इस सेवा का फायदा बाल विवाह, बाल मजदूरी, गुमशुदा और अन्य समस्याओं से परेशान चल रहे बच्चे ले सकते हैं। - एसपी क्राइम
सवाल - क्राइम संबंधित सीरियल देखकर मन में एक भय उत्पन्न हो गया है। क्या इस तरह के सीरियलों से क्राइम बढ़ने की आशंका है। - यश
जवाब - क्राइम संबंधित सीरियल लोगों को आपने आसपास में हो रही आपराधिक घटनाओं से जागरूक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं। जिससे लोग पहले से अलर्ट हो सकें। साथ ही इनका मकसद लोगों को यह भी बताना है कि अपराध कैसा भी हो अपराधी पुलिस की पकड़ में आ ही जाता है। इसलिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जो संविधान के खिलाफ हो। - एसपी क्राइम
जवाब - चिल्ड्रन हेल्पलाइन 18 साल से कम उम्र के बच्चों की समस्याओं को निवारण करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत बच्चे 24 घंटे में कभी भी 1098 पर फोन कर अपने शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह एक नि:शुल्क सेवा है। इस सेवा का फायदा बाल विवाह, बाल मजदूरी, गुमशुदा और अन्य समस्याओं से परेशान चल रहे बच्चे ले सकते हैं। - एसपी क्राइम
सवाल - क्राइम संबंधित सीरियल देखकर मन में एक भय उत्पन्न हो गया है। क्या इस तरह के सीरियलों से क्राइम बढ़ने की आशंका है। - यश
जवाब - क्राइम संबंधित सीरियल लोगों को आपने आसपास में हो रही आपराधिक घटनाओं से जागरूक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं। जिससे लोग पहले से अलर्ट हो सकें। साथ ही इनका मकसद लोगों को यह भी बताना है कि अपराध कैसा भी हो अपराधी पुलिस की पकड़ में आ ही जाता है। इसलिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जो संविधान के खिलाफ हो। - एसपी क्राइम