फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   anubandhit bus

अनुबंधित बस ऑपरेटर करा रहे डग्गामारी

Wed, 21 Sep 2016 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Wed, 21 Sep 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
anubandhit bus
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कई मार्गों पर चल रही बसों की डग्गामारी से उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम अधिकारियों ने सर्वे कराया तो पता चला कि विभिन्न रूटों पर 175 बसें डग्गामारी में चल रही हैं। इनमें प्रदेश के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की भी दर्जन भर बस शामिल है। डग्गामारी करने वाली बसों में कई बस अनुबंधित बस ऑपरेटरों की भी चिह्नित की गईं। इस पर आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने अनुबंधित बस आपरेटरों को नोटिस जारी किया है।  
विज्ञापन

बिजनौर से दिल्ली और मुरादाबाद रूट पर डग्गामार बसों का बडे़ पैमाने पर संचालन किया जा रहा है। अवैध रूप से संचालित होने वाली इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा दांव पर रहती है। अनुबंधन ऑपरेटरों को जारी नोटिस में आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने अब नई शर्त जोड़ दी है। इसके तहत यदि अनुबंधन ऑपरेटर की कोई बस डग्गामारी करते हुए पकड़ी गई तो अनुबंधन बस का करार भी समाप्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


ऐसे पकड़ में आए अनुबंधित बस ऑपरेटर
डग्गामार बसों पर बस संचालकों ने अपने परिवार के बच्चों के नाम, फर्म का नाम, ट्रैवल सर्विस का नाम और फोन नंबर आदि दर्ज करा रखे हैं। इन्हीं पहचान चिन्हों के आधार पर ही अनुबंधित बस ऑपरेटर पकड़ में आए, क्योंकि इन्हीं नामों से उनकी बसें अनुबंधन रिकार्ड में भी दर्ज हैं। यहीं नहीं कई बस तो ऐसी भी मिलीं जिन पर अनुबंधित बसों की भांति ही कलर पेंट किया गया है। अनुबंधित बसों पर लिखे सत्या, फेयरी, योगीनाथ, मुस्कान, जैन बस सर्विस, लक्की, तोमर, अहिंसा आदि शब्दों में से कुछ शब्द मेरठ-मुरादनगर और अन्य मार्ग पर अवैध रूप से संचालित निजी बसों पर भी अंकित मिले है। आरएम की ओर से जारी नोटिस में अनुबंधित बसों पर लिखे गए पहचान चिह्न को 27 सितंबर तक मिटाने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की बस भी कर रही डग्गामारी
डग्गामारी पकड़ने के लिए कराए गए सर्वे में मेरठ के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की भी करीब एक दर्जन बस संचालित होती मिली। कई सत्ताधारी नेताओं की बसें भी पकड़ी गई हैं। सर्वे रिपोर्ट को रोडवेज अधिकारियों के साथ ही परिवहन मंत्री के पास भी भेजा जा रहा है। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की बसें चलने की शिकायत पहले ही की जा चुकी है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed