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सात श्मशान घाटों में हो सकते हैं अंतिम संस्कार
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सात श्मशान घाटों में हो सकते हैं अंतिम संस्कार
मेरठ। सूरजकुंड श्मशान के अलावा शहर में सात अन्य श्मशान घाट भी हैं। यहां अंतिम संस्कार संभव है। इसके बावजूद ज्यादातर लोग सूरजकुंड में शवों को ला रहे हैं। यहां प्रतिदिन 10 से 15 शवों का कोविड प्रॉटोकाल के तहत संस्कार हो रहा है।
नियमित रुप से सैनिटाइजेशन और सफाई न होने से खतरा बढ़ रहा है।
मंगलवार को एक शव के संस्कार में देरी होने पर कंकरखेड़ा निवासी लोगों ने हंगामा कर दिया। उनकी आचार्य से काफी बहस हुई। यहां रोज ऐसे ही हालात बन रहे हैं। अपराह्न तीन बजे तक चार शवों का कोविड प्रॉटोकाल के तहत संस्कार हुआ। तीन अन्य शव रहे।
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- इन श्मशान घाटों में हो सकता है अंतिम संस्कार
- कंकरखेड़ा कासमपुर राम बाग श्मशान घाट लगभग चार हजार गज में बना है। यहां सात प्लेटफार्म हैं। आचार्य बिल्लू अंतिम क्रिया कराते हैं। कमेटी पदाधिकारी बंटी बहल ने कहा कि कफन से लेकर लकड़ी तक सभी व्यवस्था है। शताब्दी नगर सेक्टर-एक में लगभग 1500 गज में श्मशान हैं। यहां दो प्लेटफार्म हैं। पानी की पूर्ण व्यवस्था है। रोहटा रोड सरस्वती विहार श्मशान घाट में चार प्लेटफार्म हैं। सैनिक विहार स्थित श्मशान में चार प्लेटफार्म हैं। शेड भी हैं। इसके अतिरिक्त खड़ौतली, सोफीपुर और अब्दुल्लापुर में भी श्मशान घाट हैं।
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शताब्दीनगर और अब्दुल्लापुर श्मशान घाट की सफाई कराई
मेरठ। नगर निगम ने शताब्दीनगर और अब्दुल्लापुर शमशान घाट को तैयार कर दिया है। मंगलवार को निगम टीम ने दोनों शमशान घाटों की सफाई की। सहायक नगर आयुक्त प्रथम ब्रजपाल सिंह ने दोनों शमशान घाटों का निरीक्षण किया और जरुरी दिशा निर्देेेश दिए। सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने बताया कि शताब्दीनगर श्मशान घाट पर तीन चबूतरे हैं। यहां काफी जगह है। यहां फर्श बनाया जाएगा। इसके बनने से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। वहीं अब्दुल्लापुर शमशान घाट में छह चबूतरे बने हैं। यहां विस्तार कर 20 शवों का दाह संस्कार कराया जाएगा।
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कोविड वाले शवों के संस्कार के लिए 1200 रुपये
- सूरजकुंड श्मशान में कार्यरत 11 आचार्यों ने सर्वसम्मति से दक्षिणा संबंधी रेट लिस्ट जारी की है। निशांत शर्मा, हरीश शर्मा, चंद्र प्रकाश, संजय, मनोज आदि ने बताया कि सामान्य शव की क्रिया के लिए 600 रुपये और 100 रुपये सफाई के लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कोविड वाले शवों के लिए 1100 रुपये और 100 रुपये सफाई के लिए लिए जाएंगे। गंगा मोटर कमेटी के माध्यम से रेट लिस्ट नगर आयुक्त को संस्तुति के लिए भेजी गई है।
- 24 घंटे में चुने जाएंगे फूल
-- नगर आयुक्त ने श्मशान घाट में किसी भी समस्या के समाधान के लिए सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। कर अधीक्षक सुनील कुमार को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व निरीक्षकों की शिफ्टवार ड्यूटी लगवाएं। नगर आयुक्त ने कहा कि 24 घंटे में फूल चुने जाएंगे। इसके बाद फूल चुनने आते हैं तो फूलों को संग्रहित कर रखा जाएगा और इसका रजिस्टर बनाया जाएगा।
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कोविड वाले शवों के अंतिम संस्कार का विरोध किया
परतापुर। कोरोना संक्रमण से मरने वालों के लिए शताब्दीनगर पैठ रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने के निर्णय का स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। पार्षद रमेश पाल, सुरेश सैनी, राजेंद्र पाल, नत्थी सिंह, नेमचंद पाल सहित अन्य ने कहा कि स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर यह घाट बनवाया। तब प्रशासन ने सुध नहीं ली थी। अब कोविड वाले शवों का संस्कार यहां किया जाएगा। इससे क्षेत्र में संक्रमण बढ़ने की आशंका है। सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के अध्यक्ष विजय कुमार का कहना है यहां तीन शेड हैं। अगर प्रशासन को यहीं व्यवस्था करानी है तो नगर निगम की टीम भेज अलग से इंतजाम किए जाएं। दिन रात सफाई और सैनिटाइज किया जाए। दो कर्मचारी यहां लगातार तैनात रहें। कोविड वाले शवों का रजिस्टर अलग से बने।
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मेरठ। सूरजकुंड श्मशान के अलावा शहर में सात अन्य श्मशान घाट भी हैं। यहां अंतिम संस्कार संभव है। इसके बावजूद ज्यादातर लोग सूरजकुंड में शवों को ला रहे हैं। यहां प्रतिदिन 10 से 15 शवों का कोविड प्रॉटोकाल के तहत संस्कार हो रहा है।
नियमित रुप से सैनिटाइजेशन और सफाई न होने से खतरा बढ़ रहा है।
मंगलवार को एक शव के संस्कार में देरी होने पर कंकरखेड़ा निवासी लोगों ने हंगामा कर दिया। उनकी आचार्य से काफी बहस हुई। यहां रोज ऐसे ही हालात बन रहे हैं। अपराह्न तीन बजे तक चार शवों का कोविड प्रॉटोकाल के तहत संस्कार हुआ। तीन अन्य शव रहे।
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- इन श्मशान घाटों में हो सकता है अंतिम संस्कार
- कंकरखेड़ा कासमपुर राम बाग श्मशान घाट लगभग चार हजार गज में बना है। यहां सात प्लेटफार्म हैं। आचार्य बिल्लू अंतिम क्रिया कराते हैं। कमेटी पदाधिकारी बंटी बहल ने कहा कि कफन से लेकर लकड़ी तक सभी व्यवस्था है। शताब्दी नगर सेक्टर-एक में लगभग 1500 गज में श्मशान हैं। यहां दो प्लेटफार्म हैं। पानी की पूर्ण व्यवस्था है। रोहटा रोड सरस्वती विहार श्मशान घाट में चार प्लेटफार्म हैं। सैनिक विहार स्थित श्मशान में चार प्लेटफार्म हैं। शेड भी हैं। इसके अतिरिक्त खड़ौतली, सोफीपुर और अब्दुल्लापुर में भी श्मशान घाट हैं।
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शताब्दीनगर और अब्दुल्लापुर श्मशान घाट की सफाई कराई
मेरठ। नगर निगम ने शताब्दीनगर और अब्दुल्लापुर शमशान घाट को तैयार कर दिया है। मंगलवार को निगम टीम ने दोनों शमशान घाटों की सफाई की। सहायक नगर आयुक्त प्रथम ब्रजपाल सिंह ने दोनों शमशान घाटों का निरीक्षण किया और जरुरी दिशा निर्देेेश दिए। सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने बताया कि शताब्दीनगर श्मशान घाट पर तीन चबूतरे हैं। यहां काफी जगह है। यहां फर्श बनाया जाएगा। इसके बनने से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। वहीं अब्दुल्लापुर शमशान घाट में छह चबूतरे बने हैं। यहां विस्तार कर 20 शवों का दाह संस्कार कराया जाएगा।
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कोविड वाले शवों के संस्कार के लिए 1200 रुपये
- सूरजकुंड श्मशान में कार्यरत 11 आचार्यों ने सर्वसम्मति से दक्षिणा संबंधी रेट लिस्ट जारी की है। निशांत शर्मा, हरीश शर्मा, चंद्र प्रकाश, संजय, मनोज आदि ने बताया कि सामान्य शव की क्रिया के लिए 600 रुपये और 100 रुपये सफाई के लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कोविड वाले शवों के लिए 1100 रुपये और 100 रुपये सफाई के लिए लिए जाएंगे। गंगा मोटर कमेटी के माध्यम से रेट लिस्ट नगर आयुक्त को संस्तुति के लिए भेजी गई है।
- 24 घंटे में चुने जाएंगे फूल
-- नगर आयुक्त ने श्मशान घाट में किसी भी समस्या के समाधान के लिए सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। कर अधीक्षक सुनील कुमार को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व निरीक्षकों की शिफ्टवार ड्यूटी लगवाएं। नगर आयुक्त ने कहा कि 24 घंटे में फूल चुने जाएंगे। इसके बाद फूल चुनने आते हैं तो फूलों को संग्रहित कर रखा जाएगा और इसका रजिस्टर बनाया जाएगा।
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कोविड वाले शवों के अंतिम संस्कार का विरोध किया
परतापुर। कोरोना संक्रमण से मरने वालों के लिए शताब्दीनगर पैठ रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने के निर्णय का स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। पार्षद रमेश पाल, सुरेश सैनी, राजेंद्र पाल, नत्थी सिंह, नेमचंद पाल सहित अन्य ने कहा कि स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर यह घाट बनवाया। तब प्रशासन ने सुध नहीं ली थी। अब कोविड वाले शवों का संस्कार यहां किया जाएगा। इससे क्षेत्र में संक्रमण बढ़ने की आशंका है। सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के अध्यक्ष विजय कुमार का कहना है यहां तीन शेड हैं। अगर प्रशासन को यहीं व्यवस्था करानी है तो नगर निगम की टीम भेज अलग से इंतजाम किए जाएं। दिन रात सफाई और सैनिटाइज किया जाए। दो कर्मचारी यहां लगातार तैनात रहें। कोविड वाले शवों का रजिस्टर अलग से बने।