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Meerut News: अंकित का मासूम बेटा बोला... मम्मी, मेरे पापा को कहां ले जा रहे हो

Wed, 21 Jan 2026 03:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 03:19 AM IST
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Ankit's innocent son said... Mummy, where are you taking my father?
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष के बेटे की मौत के बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार
बुलंदशहर में हुए भीषण सड़क हादसे में डॉ आशुतोष पूनिया, भाजपा एमएलसी अश्वनी त्यागी के भतीजे अंकित त्यागी और उनके पीएसओ महेश कुमार की सोमवार रात हुई मौत से क्षेत्र में शोक व्याप्त है। मंगलवार को अंकित का शव घर लाया गया तो उनका पांच साल का मासूम बेटा देवराज कहने लगा मम्मी... पापा सो रहे हैं। परिजन और लोग अर्थी लेकर सूरजकुंड के लिए चले तो देवराज बोला मेरे पापा को कहां लेकर जा रहे हो। देवराज की बात सुनकर लोगों की आंखों से आंसू छलक गए। अंकित के पिता भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय त्यागी ने पोते देवराज को गले से लगा लिया।
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रोहटा थाना क्षेत्र के गांव डालमपुर निवासी किसान सीएम सिंह के बेटे डॉ. आशुतोष पूनिया सरधना स्थित द्रोण हॉस्पिटल में अपनी पत्नी डॉ. शालिनी के साथ चिकित्सक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। सोमवार को वे हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं भाजपा एमएलसी अश्वनी त्यागी के भतीजे अंकित त्यागी और उनके पीएसओ महेश कुमार के साथ बुलंदशहर जिले के गांव जसनावली में पोल्ट्री फार्म देखने गए थे। सोमवार देर रात करीब 11 बजे जब तीनों क्रेटा कार से मेरठ लौट रहे थे। तभी मेरठ–बुलंदशहर हाईवे पर गुलावठी थाना क्षेत्र के मीठेपुर चौकी के पास हुए सड़क हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जानकारी मिलते ही एमएलसी अश्वनी त्यागी देर रात बुलंदशहर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई।
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अंकित त्यागी का शव मंगलवार सुबह उनके आवास डिफेंस एन्क्लेव लाया गया। भाजपा नेता सहित क्षेत्र के अन्य लोग उनके आवास पर पहुंचे। यहां से शव को सूरजकुंड श्मशान घाट ले गए। तहेरे भाई तपेंद्र ने मासूम देवराज के साथ मिलकर अंकित को मुखाग्नि दी। देवराज को संभालने के लिए परिजन ने खिलौना भी दिया। मां छाया व पत्नी दीपशिखा का रोकर बुरा हाल है। अंकित का शव देखकर छाया व दीपशिखा बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों ने किसी तरह दोनों को संभाला।
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सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक संगीत सोम, पूर्व विधायक जितेंद्र सतवई, सत्यवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, इंद्रपाल बजरंगी, मुकेश सिंघल, पंडित सुनील भराला, नीरज मित्तल, गणेश अग्रवाल, रवि भारत चिकारा, ठाकुर चंद्रपाल कुरथल, ठाकुर ओपी सिंह, छात्र नेता विनीत चपराणा आदि मौजूद रहे।

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तीन घंटे में वापस आने के लिए बोलकर घर से निकले थे

तहेेरे भाई तपेंद्र त्यागी ने बताया कि सोमवार दोपहर बाद डॉ. आशुतोष पूनिया कार लेकर डिफेंस एन्क्लेव पहुंचे थे। चार बजे अंकित, डॉ. आशुतोष व महेश कार से बुलंदशहर जाने के लिए घर से निकले थे। मां छाया ने अंकित से निकलते हुए पूछा की कितनी देर में वापस आओगे। इस पर अंकित ने कहा कि तीन घंटे में वापस घर आ जाएंगे। मगर मां को नहीं पता था कि वह बेटे को आखिरी बार देख रही है। मां रोते हुए बोली अगर पता होता तो अपने लाल को कहीं नहीं जाने देती।



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अच्छे क्रिकेटर थे अंकित त्यागी



मेरठ। पूर्व क्रिकेटर और द्रोण क्रिकेट एकेडमी के अध्यक्ष अंकित त्यागी के निधन पर क्रिकेटरों में शोक व्याप्त है। क्रिकेट कोच अतहर अली ने बताया कि अंकित त्यागी एक होनहार क्रिकेटर थे और उन्होंने मेरठ का कई प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व किया था। आईटीआई क्रिकेट एकेडमी, गुरु तेग बहादुर क्रिकेट एकड़ेमी, ऋषभ क्रिकेट एकेडमी और द्रोण क्रिकेट एकेडमी में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। समाजसेवी रजनीश कौशल, अरमान अंसारी, आलोक सिसोदिया, नासिर सैफी, आसिफ, दिलशाद चौहान आदि मौजूद रहे।

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बच्चों को गोद लेकर शिक्षित करने का बीड़ा उठाया था

सरधना। अंकित त्यागी समाज सेवा में सक्रिय थे। वे निर्धन बच्चों को गोद लेकर शिक्षित करने तथा पिछड़े इलाकों में हेल्थ कैंप लगाकर सेवा देने के लिए जाने जाते थे। महादेव गांव निवासी और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय त्यागी के बेटे अंकित त्यागी अपने समाज सेवा के कामों और मानवीय व्यवहार के कारण लोगों के दिलों में गहरी जगह बना चुके थे। हादसे की खबर के बाद द्रोण कॉलेज परिसर में सन्नाटा छा गया। पैतृक गांव महादेव में शोकाकुल लोगों का तांता लगा रहा। पूर्व विधायक संगीत सोम, जितेंद्र सतवाई, पूर्व मंत्री सुनील भराला, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, राज्यमंत्री यशवीर सिंह, संजय चौधरी आदि शामिल रहे।



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घर में सन्नाटा, आंखों में सवाल…मेरे लाल को क्यों ले गए

डॉ. आशुतोष पूनिया की मौत के बाद दादी बोली, अगर किसी को लेना ही था तो मुझे उठा लेते

संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा/मेरठ। डॉ.आशुतोष पूनिया की सड़क हादसे में मौत के बाद डालमपुर गांव में स्थित उनके घर का माहौल शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पौत्र को खो चुकीं बुजुर्ग दादी सावित्री देवी सदमे में हैं। जब भी उन्हें थोड़ी सुध आती है वे बस इतना कहती है कि हे भगवान अगर किसी को लेना ही था तो मुझे उठा लेते, मेरे लाल को क्यों ले गए।



मंगलवार सुबह करीब सात बजे जैसे ही डॉक्टर आशुतोष पूनिया का शव गांव पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए। घर के एक कोने में बैठी पत्नी डॉ. शालिनी भी इस हादसे से सदमे में हैं। हादसे से पहले तक वे मरीजों का सहारा बनती थी। लेकिन अब उन्हें खुद सहारे की जरूरत थी। मां राजेश्वरी, बहन डॉ. अनुराधा और छोटे भाई अवधेश पूनिया का रोकर बुरा हाल है। हर पल कोई न कोई बेसुध हो रहा है और पूरे घर में शोक और मातम का माहौल है। पिता सीएम सिंह खुद को संभालने की कोशिश करते दिखे। आंखों में बेटे को खोने का गहरा दर्द लिए वह परिवार और सांत्वना देने आए लोगों को ढांढस बंधा रहे थे। वे भारी मन से कहते हैं जो देता है वही लेता है। भगवान ने जितने दिन हमारे पास भेजा था, उतने दिन निभाया। अब सब्र रखने के अलावा कुछ नहीं बचा। उनके शब्दों में टूट रहे थे लेकिन परिवार को संभालने का साहस भी था।


उनके घर दिनभर सांत्वना देने वालों का आना-जाना लगा रहा। डालमपुर गांव की गलियों में पसरा मातम इस बात की गवाही दे रहा था कि डॉ. आशुतोष सिर्फ एक डॉक्टर नहीं थे बल्कि कई परिवारों की उम्मीद थे। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, सुनील रोहटा, भाजपा नेता सुनील भराला, पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई, रवि भारत चिकारा, बिजेंद्र प्रमुख, चीनी मिल उपाध्यक्ष केपी सिंह, जयवीर सिंह, परोपकार सिंह, मनीष दहिया, रालोद नेता रणवीर दहिया, हरि शर्मा पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहटा, बॉबी प्रधान, सुभाष प्रधान आदि मौजूद रहे।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष के बेटे की मौत के बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार

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