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Meerut News: पशुओं को मिलेगा भरपूर चारा, किसानों को मिलेगा उन्नत बीज
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राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में बीज बुवाई करते कर्मी स्रोत संवाद
(अमर उजाला पड़ताल)
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में बीज और चारा बुवाई का कार्य लक्ष्य के नजदीक
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। कस्बे में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बुवाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे यहां पर मौजूद मवेशियों को भरपूर चारा मिलेगा और किसानों को उन्नतशील बीज मिलेंगे।
ऐतिहासिक नगरी में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र के लिए सरकार ने कुल 487.58 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की थी। सरकार का उद्देश्य था कि यहां पर हरियाणा नस्ल के गोवंश और मुर्रा नस्ल के भैंसवंश को तैयार किया जा सके। गत महीने के अगस्त और सितंबर महीने में बाढ़ आने के कारण कृषि प्रक्षेत्र क्षेत्र में पानी पहुंचने से चारे की फसल नष्ट हो गई थी। इसके बाद पशुपालन विभाग द्वारा राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में इस सीजन में बीज और चारे की बुवाई का समय निर्धारित करते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने यहां पर बीज बुवाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि यहां पर संसाधनों को भी बढ़ाया जा रहा है। इस बार समय से बीज और चारे की बुवाई होने से न सिर्फ यहां पर मौजूद पशुओं को भरपूर चारा मिलेगा बल्कि यहां पर तैयार होने वाले उन्नतशील बीज भी प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर किसानों को दिए जाएंगे।
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राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र की भूमि की स्थिति
कस्बे के राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में अभी तक की गई बुवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं।
कुल भूमि 1218.95 एकड़
75 एकड़ में जई चारे की बुवाई
520 एकड़ में जई बीज की बुवाई
50 एकड़ में बरसीम चारे की बुवाई
250 एकड़ वन जंगल के लिए आरक्षित
115 एकड़ में ऑफिस, कार्यालय, डेरी, बाग, सड़क और नाली और आवास आदि बने हैं।
25 हेक्टेयर भूमि को नेपियर ग्रास के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके लिए नर्सरी में बीज तैयार किया जा रहा है।
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में गाय भैंस की स्थिति
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में कुल 460 पशु हैं। इनमें 310 हरियाणा नस्ल के गोवंश और 150 मुर्रा नस्ल की भैंसें हैं।
चारा और बीज बुवाई का कार्य पूर्ण
बीज और चारे की फसल का जो लक्ष्य विभाग द्वारा दिया गया था वह पूर्ण कर लिया गया है। यहां पशुओं की भी विशेष देखभाल की जा रही है। जिनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। -अर्जुन सिंह, प्रबंधक, राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र, हस्तिनापुर
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राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में बीज और चारा बुवाई का कार्य लक्ष्य के नजदीक
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। कस्बे में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बुवाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे यहां पर मौजूद मवेशियों को भरपूर चारा मिलेगा और किसानों को उन्नतशील बीज मिलेंगे।
ऐतिहासिक नगरी में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र के लिए सरकार ने कुल 487.58 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की थी। सरकार का उद्देश्य था कि यहां पर हरियाणा नस्ल के गोवंश और मुर्रा नस्ल के भैंसवंश को तैयार किया जा सके। गत महीने के अगस्त और सितंबर महीने में बाढ़ आने के कारण कृषि प्रक्षेत्र क्षेत्र में पानी पहुंचने से चारे की फसल नष्ट हो गई थी। इसके बाद पशुपालन विभाग द्वारा राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में इस सीजन में बीज और चारे की बुवाई का समय निर्धारित करते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने यहां पर बीज बुवाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।
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अधिकारियों का कहना है कि यहां पर संसाधनों को भी बढ़ाया जा रहा है। इस बार समय से बीज और चारे की बुवाई होने से न सिर्फ यहां पर मौजूद पशुओं को भरपूर चारा मिलेगा बल्कि यहां पर तैयार होने वाले उन्नतशील बीज भी प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर किसानों को दिए जाएंगे।
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राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र की भूमि की स्थिति
कस्बे के राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में अभी तक की गई बुवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं।
कुल भूमि 1218.95 एकड़
75 एकड़ में जई चारे की बुवाई
520 एकड़ में जई बीज की बुवाई
50 एकड़ में बरसीम चारे की बुवाई
250 एकड़ वन जंगल के लिए आरक्षित
115 एकड़ में ऑफिस, कार्यालय, डेरी, बाग, सड़क और नाली और आवास आदि बने हैं।
25 हेक्टेयर भूमि को नेपियर ग्रास के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके लिए नर्सरी में बीज तैयार किया जा रहा है।
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में गाय भैंस की स्थिति
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में कुल 460 पशु हैं। इनमें 310 हरियाणा नस्ल के गोवंश और 150 मुर्रा नस्ल की भैंसें हैं।
चारा और बीज बुवाई का कार्य पूर्ण
बीज और चारे की फसल का जो लक्ष्य विभाग द्वारा दिया गया था वह पूर्ण कर लिया गया है। यहां पशुओं की भी विशेष देखभाल की जा रही है। जिनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। -अर्जुन सिंह, प्रबंधक, राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र, हस्तिनापुर

राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में बीज बुवाई करते कर्मी स्रोत संवाद