मेरठ एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना पूरे प्रदेश में वर्चस्व कायम करना चाहता था। पिछले पांच-छह साल के अंदर उसने जिस तरीके से अपने गिरोह को पश्चिम यूपी से लेकर पूर्वांचल तक फैलाया, उससे पुलिस भी हैरान है। उसकी खासियत यह था कि वह जिस जेल में बंद रहा वहां दूसरे गिरोह के साथ गठजोड़ कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सहारनपुर से नोएडा और इटावा से लेकर फैजाबाद तक अपना गिरोह फैला दिया था। अधिकतर जिलों में उसके गिरोह के सदस्य बन गए थे। वह यूपी का बड़ा डॉन बनना चाहता था। इसी मकसद के साथ वह बहुत तेजी से गिरोह को बढ़ा रहा था। वहां जिस क्षेत्र में जाता वहां पर सक्रिय गिरोह के साथ हाथ मिलाता था और नए युवाओं को गिरोह में जोड़ लेता था।
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कुख्यात अनिल दुजाना एनकाउंटर।
- फोटो : अमर उजाला
जेल में बंद रहते हुए फैलाया गिरोह
जांच में सामने आया है कि मुजफ्फरनगर जेल में रहते हुए उसने मेरठ के परीक्षितगढ़ निवासी कर्नल गिरी, हस्तिनापुर के अलीपुर मोरना निवासी मोनू गुर्जर मुजफ्फरनगर के किनौली निवासी नीरज को अपने साथ मिला लिया था। इसके बाद इन जिलों में उसका गिरोह मजबूत हो गया। बागपत के रहने वाले ज्ञानेंद्र ढाका, सहारनपुर और शामली में सक्रिय रहने वाले मुकीम काला गिरोह भी उसका सहयोगी था।
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अनिल दुजाना
- फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं उसने नोएडा में अवैध खनन और अवैध सरिया चोरी के धंधे में रवि काना के माध्यम से दखल दी। इटावा जेल में रहने के दौरान वह अमित इटावा के संपर्क में आया। अमित इटावा उसके गिरोह के लिए मध्य प्रदेश से हथियारों को लाकर सप्लाई करता था।
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अनिल दुजाना
- फोटो : अमर उजाला
फैजाबाद के अजय सिपाही गिरोह से भी मिलाया हाथ
अनिल दुजाना गिरोह पूर्वांचल के कई गिरोह के संपर्क में भी था। फैजाबाद जिले के अजय सिपाही गिरोह के साथ गठजोड़ हो गया था, जिसके बाद वहां पर भी अनिल दुजाना का नाम हो गया था। इसी तरह जब वह बांदा जेल में बंद रहा तो वहां भी कई लोगों के संपर्क में आया। बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी और अनिल दुजाना के बीच भी दोस्ती थी। उनकी दोस्ती के कारण ही अनिल दुजाना ने संजय राव निवासी ग्रेटर नोएडा व मोनू सरदार निवासी गीता कॉलोनी के माध्यम से दिल्ली में रेलवे की ठेकेदारी में भी दखल देना शुरू कर दिया है।
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मृतक अनिल दुजाना कुख्यात
- फोटो : अमर उजाला
अनिल दुजाना पर हत्या समेत करीब 65 संगीन मामले दर्ज थे, जो अपने गिरोह को लगातार बढ़ा रहा था। पूर्वांचल में भी उसके गिरोह के सदस्य हैं, जिनकी छानबीन की जा रही है। अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। - ब्रजेश सिंह, एसपी एसटीएफ मेरठ