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कम इंडेंट जारी करने से किसानों में आक्रोश
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कम इंडेंट जारी करने से किसानों में आक्रोश
बहसूमा। मवाना चीनी मिल क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में स्थित क्रय केंद्र से जुडे़ किसानों ने मिल अधिकारियों पर इंडेंट में उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। किसानों ने कहा कि मिल अधिकारी अपने चहेते गांवों को अधिक इंडेंट देकर उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। किसानों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश है।
क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात निवासी किसान सतबीर भाटी, पूर्व प्रधान नीरज व रहमान ने बताया कि उनके गांव में मवाना, टिकौला व खतौली शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र हैं। किसानों का कहना है कि मवाना चीनी मिल पर किसानों का पहले ही करोड़ों रुपये बकाया है। अब उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया भी अपनाया जाने लगा है। किसानों का आरोप है कि मवाना मिल के अधिकारी जान बूझकर अपने चहेते गांवों को अधिक इंडेट दे रहे हैं और उनका इंडेंट कम कर दिया है। पिछले 15 दिन से मवाना मिल का इंडेट केवल 150-160 क्विंटल का ही जारी किया जा रहा है। जबकि टिकौला शुगर मिल 800-900 क्विंटल व खतौली शुगर मिल 500-600 क्विंटल का इंडेंट जारी कर रही हैं। तर्क है कि उक्त आंकड़ों से उपेक्षा के आरोपों की पुष्टि हो रही है। किसानों में मिल अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। मिल अधिकारी रजनेश सिंह का कहना है आरोप निराधार हैं।
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बहसूमा। मवाना चीनी मिल क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में स्थित क्रय केंद्र से जुडे़ किसानों ने मिल अधिकारियों पर इंडेंट में उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। किसानों ने कहा कि मिल अधिकारी अपने चहेते गांवों को अधिक इंडेंट देकर उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। किसानों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश है।
क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात निवासी किसान सतबीर भाटी, पूर्व प्रधान नीरज व रहमान ने बताया कि उनके गांव में मवाना, टिकौला व खतौली शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र हैं। किसानों का कहना है कि मवाना चीनी मिल पर किसानों का पहले ही करोड़ों रुपये बकाया है। अब उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया भी अपनाया जाने लगा है। किसानों का आरोप है कि मवाना मिल के अधिकारी जान बूझकर अपने चहेते गांवों को अधिक इंडेट दे रहे हैं और उनका इंडेंट कम कर दिया है। पिछले 15 दिन से मवाना मिल का इंडेट केवल 150-160 क्विंटल का ही जारी किया जा रहा है। जबकि टिकौला शुगर मिल 800-900 क्विंटल व खतौली शुगर मिल 500-600 क्विंटल का इंडेंट जारी कर रही हैं। तर्क है कि उक्त आंकड़ों से उपेक्षा के आरोपों की पुष्टि हो रही है। किसानों में मिल अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। मिल अधिकारी रजनेश सिंह का कहना है आरोप निराधार हैं।
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