अनामिका शुक्ला प्रकरण: पते गलत, मोबाइल बंद, नहीं मिल रही फर्जी शिक्षिका, बढ़ी पुलिस की मुश्किलें
- अप्रैल माह को बंद कर दिया गया था शैक्षिक प्रमाण पत्रों में दिया गया नंबर
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उत्तर प्रदेश में एक साथ 25 जिलों में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला प्रकरण में बागपत पुलिस के हाथ अभी तक भी कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है।
फर्जी शिक्षिका के तौर पर नौकरी करने वाली युवती भी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। पुलिस की माने तो कस्तूरबा गांधी विद्यालय से मिले कागजातों में मैनपुरी के तीन पते दिए गए थे, जो गलत मिले। मोबाइल नंबर भी अप्रैल से बंद आ रहा है। ऐसे में पुलिस की जांच अटकी हुई है।
बता दें कि प्रदेश के कई जिलों के साथ ही बड़ौत स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में भी अनामिका के नाम से फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव रंजन श्रीवास्तव ने बड़ौत कोतवाली पर एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसमें जांच अधिकारी एसएसआई धुरेंद्र सिंह को बनाया गया था। जांच अधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन मधु त्यागी से अनामिका शुक्ला से जुडे़ कागजात की प्रतिलिपि ली थी और इनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई थी। मगर, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नया मामला सामने आ रहा है। जांच अधिकारी ने बताया पहले कोरोना केस बढ़ने के कारण मैनपुरी जाने के लिए अनुमति नहीं मिल पा रही है।
जून माह अनुमति लेकर मैनपुरी पहुंचा तो कागजातों में दिया गया पता गलत निकला। साथ ही अनामिका जिस फोन से बातचीत करती थी, उसको भी सर्विलांस पर लगा दिया गया था, लेकिन वह नंबर भी अप्रैल से बंद चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जांच में विद्यालय से मिले कागजातों में तीन अलग-अलग पता दर्शाएं गए है, लेकिन इन पतों में सही कौन सा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही जांच पूरी कर कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।