अनामिका शुक्ला प्रकरण: सामने आई बड़ी लापरवाही काउंसिलिंग में नहीं थी, नियुक्ति में ताक पर रखे नियम
काउंसिलिंग में भी नहीं आई थी अनामिका, बाईहैंड दिया नियुक्ति पत्र
अनामिका शुक्ला प्रकरण में सामने आई विभाग की बड़ी लापरवाही
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अनामिका शुक्ला नाम से 25 विद्यालयों में एकसाथ नौकरी करने का खुलासा होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। टीम ने विद्यालय में जाकर जांच की और रिपोर्ट अधिकारी को सौंपी है। जांच में तीन बड़ी खामियां मिली हैं। पहली खामी यह है कि कथित अनामिका शुक्ला द्वारा अपना पता गांव हसनपुर, जिला मैनपुरी भरा गया था।
इसी पते पर नियुक्ति पत्र भेजा गया था। वाहक ने लिखित में दिया था कि हसनपुर में इस नाम और जाति का कोई व्यक्ति नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि पता गलत मिलना सबसे बड़ी गड़बड़ी थी, जिसके आधार पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती थी।
इतना ही नहीं, वह काउंसिलिंग में भी शामिल नहीं हुई थी। मगर संबंधित अधिकारियों ने फिर भी कथित अनामिका शुक्ला को बाईहैंड नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइन कराया। यही वजह है कि एडी बेसिक योगराज सिंह ने जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) आदित्य नारायण शर्मा पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है।
बढ़ सकती हैं समन्वयक की मुश्किलें
बीते वर्ष कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की ही एक शिक्षिका ने तीन पेज का शिकायती पत्र राज्य परियोजना निदेशक को भेजा था, जिसमें जिला समन्वयक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। नियुक्ति से लेकर तमाम चीजों की खरीदारी में गोलमाल होने की बात कही गई थी।
निदेशक ने तत्कालीन एडी बेसिक को जांच के निर्देश दिए थे। वहीं, जिला समन्वयक का दावा है कि एडी बेसिक की जांच में उन्हें क्लीनचिट मिली थी। मगर वर्तमान एडी बेसिक योगराज सिंह ने मामले की पुन: जांच शुरू कर दी है।
जांच में पता चला है कि कथित अनामिका शुक्ला काउंसिलिंग में शामिल नहीं हुई थी। उसे बाईहैंड नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइन कराया गया था। जिला समन्वयक पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है। साथ ही बीते वर्ष जिला समन्वयक पर लगे आरोपों की भी जांच मेरे द्वारा कराई जा रही है। - योगराज सिंह, एडी बेसिक, सहारनपुर