खुशखबरी: हस्तिनापुर में 3150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगी आइकॉनिक साइट
सांसद अरुण गोविल के हस्तिनापुर को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित करने और नेशनल म्यूजि़यम परियोजना प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल गई है, जिसके लिए 3150 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। सांसद अरुण गोविल ने कहा कि इससे रोजगार में भी बढ़ावा मिलेगा।
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जल्द ही पांडव नगरी हस्तिनापुर के दिन बदल जाएंगे। सांसद अरुण गोविल के प्रस्ताव से हस्तिनापुर को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित करने और नेशनल म्यूजियम परियोजना को मंजूरी मिल गई है। सांसद के पत्र पर क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय मेरठ ने जारकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा हस्तिनापुर में 3150 करोड़ रुपये की लागत से आइकॉनिक साइट एवं नेशनल म्यूजियम की परियोजना स्वीकृत की जा चुकी है। इस परियोजना के अंतर्गत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय मेरठ में सुरक्षित 1400 से अधिक पुरावशेषों को हरितनापुर में प्रस्तावित राष्ट्रीय संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
15 एकड़ भूमि पर होगा पर्यटन विकास
सांसद अरुण गोविल द्वारा पूर्व में प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर हस्तिनापुर वन्यजीव विहार के निकट पर्यटन विकास के लिए 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। नगर पंचायत हस्तिनापुर एवं जिला प्रशासन द्वारा भूमि हस्तांतरण एवं पर्यटन विभाग के नाम दर्ज कराने की कार्यवाही की जा रही है।
परियोजना को लेकर सांसद ने दी जानकारी
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि हस्तिनापुर में आइकॉनिक साइट और नेशनल म्यूजियम की स्थापना से न केवल मेरठ बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। इससे रोजगार स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक गौरव को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
बजट में भी हस्तिनापुर के लिए था विशेष
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महाभारत सर्किट योजना के तहत हस्तिनापुर का विकास किया जाएगा। इस वर्ष के बजट में भी हस्तिनापुर को विकसित करने की घोषणा की गई। सांसद अरुण गोविल ने भी इस दिशा में गंभीर प्रयास किए। इस पर परियोजना को मंजूरी दी गई है।