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Meerut News: कमिश्नरी चौराहे पर पलायन का पोस्टर लेकर पहुंचा पीड़ित परिवार
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पीड़ित परिवार ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। लोहियानगर क्षेत्र में कमेटी के 24 लाख रुपयों के विवाद में युवक हारुन को आरोपियों द्वारा पिस्टल से गोली मारने के प्रकरण में पीड़ित परिवार बुधवार को हाथ में पलायन का पोस्टर लेकर डीआईजी कार्यालय व कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचा। पीड़ित परिवार ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि वांछित आरोपी अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों के डर से वह घर छोड़ने को मजबूर है। पीड़ित ने परिवार ने डीआईजी कलानिधि नैथानी से न्याय की गुहार लगाई है।
फतेहउल्लापुर निवासी सोनू मलिक ने बुधवार को डीआईजी कार्यालय पर शिकायत पत्र देते हुए बताया कि उनका कमेटी के 24 लाख रुपये को लेकर आरोपी इरशाद, रविश, शबाना व फिरोज से विवाद चल रहा था। 11 सितंबर को दोपहर इस्लामनगर में करीब 1:30 बजे इरशाद ने कमेटी के रुपये देने के लिए उसे और उसके भाई हारून को घर बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी थी। सोनू के अनुसार आरोपियों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में तीन गोली हारुन को लग गई थी।
आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक आरोपी रविश ने एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। मामले में अन्य आरोपी वांछित चल रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना पुलिस ने महिला शबाना को पकड़ लिया था। लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित परिवार बुधवार को डीआईजी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। लोहियानगर क्षेत्र में कमेटी के 24 लाख रुपयों के विवाद में युवक हारुन को आरोपियों द्वारा पिस्टल से गोली मारने के प्रकरण में पीड़ित परिवार बुधवार को हाथ में पलायन का पोस्टर लेकर डीआईजी कार्यालय व कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचा। पीड़ित परिवार ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि वांछित आरोपी अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों के डर से वह घर छोड़ने को मजबूर है। पीड़ित ने परिवार ने डीआईजी कलानिधि नैथानी से न्याय की गुहार लगाई है।
फतेहउल्लापुर निवासी सोनू मलिक ने बुधवार को डीआईजी कार्यालय पर शिकायत पत्र देते हुए बताया कि उनका कमेटी के 24 लाख रुपये को लेकर आरोपी इरशाद, रविश, शबाना व फिरोज से विवाद चल रहा था। 11 सितंबर को दोपहर इस्लामनगर में करीब 1:30 बजे इरशाद ने कमेटी के रुपये देने के लिए उसे और उसके भाई हारून को घर बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी थी। सोनू के अनुसार आरोपियों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में तीन गोली हारुन को लग गई थी।
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आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक आरोपी रविश ने एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। मामले में अन्य आरोपी वांछित चल रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना पुलिस ने महिला शबाना को पकड़ लिया था। लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित परिवार बुधवार को डीआईजी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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