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Meerut News: 200 मीटर चलते ही सात किमी दूर हुआ अंबाला
Thu, 14 Mar 2024 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 14 Mar 2024 12:50 AM IST
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सहारनपुर। सड़कों पर लगे साइन बोर्ड का मकसद होता है कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों को पता चल सके कि फला शहर या स्थान की यहां से कितनी दूरी है, लेकिन जब साइन बोर्ड ही भ्रम की स्थिति में डाल दें तो क्या किया जाए। महानगर और अन्य कई स्थानों पर लगे साइन बोर्ड लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को इसे लेकर पड़ताल की तो सामने आया कि 200 मीटर चलते ही किसी शहर की दूरी सात किमी बढ़ गई तो कहीं डेढ़ किमी चलते ही दूरी सात किमी कम हो गई।
- 200 मीटर चलते ही सात किमी दूर हुआ अंबाला
उदाहरण के तौर पर देखें तो आंबेडकर चौक पर लगे साइन बोर्ड के हिसाब से अंबाला की दूरी 110 किमी है, जब आंबेडकर चौक से जनकपुरी तिराहे पर आते हैं तो अंबाला की दूरी एक या दो किमी नहीं, बल्कि सात किमी बढ़कर 117 हो जाती है, जबकि आंबेडकर चौक और जनकपुरी तिराहे की दूरी केवल 200 मीटर है। मतलब 200 मीटर चलते ही अंबाला सात किमी दूर हो गया।
500 मीटर चले तो करीब दो किमी कम हुआ कमिश्नर कार्यालय
इसी तरह दीवानी कचहरी पर साइन बोर्ड लगा है। जिस पर कमिश्नर कार्यालय की दूरी चार किमी अंकित है। जब यहां से करीब 500 मीटर दूर चलते हैं तो कलक्ट्रेट तिराहे पर दूसरा साइन बोर्ड लगा है। यहां से कमिश्नर कार्यालय की दूरी मात्र 2.3 किमी दर्शाई गई है। यानी कि 500 मीटर चलते ही दूरी करीब दो किमी कम हो गई।
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- डेढ़ किमी चलते ही सात किमी नजदीक हुआ विकास नगर
महानगर से बाहर की सड़कों पर देखें तो बेहट में पेट्रोल पंप के सामने लोक निर्माण विभाग का साइन बोर्ड लगा है। यहां से विकास नगर की दूरी 49 किमी दर्शाई गई है। करीब डेढ़ किमी आगे चलने के बाद सीधे सात किमी कम हो गई। वहां लगे माइल स्टोन पर विकास नगर की दूरी 42 किमी अंकित है। जिले में इनके अलावा भी कई स्थानों पर लगे साइन बोर्ड इसी तरह राहगीरों को भ्रमित कर रहे हैं।
यह मामला जानकारी में नहीं है। इसका पता कराया जाएगा। यदि कहीं पर प्राधिकरण का साइन बोर्ड गलत है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- गजेंद्र कुमार, सचिव सहारनपुर विकास प्राधिकरण
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- 200 मीटर चलते ही सात किमी दूर हुआ अंबाला
उदाहरण के तौर पर देखें तो आंबेडकर चौक पर लगे साइन बोर्ड के हिसाब से अंबाला की दूरी 110 किमी है, जब आंबेडकर चौक से जनकपुरी तिराहे पर आते हैं तो अंबाला की दूरी एक या दो किमी नहीं, बल्कि सात किमी बढ़कर 117 हो जाती है, जबकि आंबेडकर चौक और जनकपुरी तिराहे की दूरी केवल 200 मीटर है। मतलब 200 मीटर चलते ही अंबाला सात किमी दूर हो गया।
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500 मीटर चले तो करीब दो किमी कम हुआ कमिश्नर कार्यालय
इसी तरह दीवानी कचहरी पर साइन बोर्ड लगा है। जिस पर कमिश्नर कार्यालय की दूरी चार किमी अंकित है। जब यहां से करीब 500 मीटर दूर चलते हैं तो कलक्ट्रेट तिराहे पर दूसरा साइन बोर्ड लगा है। यहां से कमिश्नर कार्यालय की दूरी मात्र 2.3 किमी दर्शाई गई है। यानी कि 500 मीटर चलते ही दूरी करीब दो किमी कम हो गई।
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- डेढ़ किमी चलते ही सात किमी नजदीक हुआ विकास नगर
महानगर से बाहर की सड़कों पर देखें तो बेहट में पेट्रोल पंप के सामने लोक निर्माण विभाग का साइन बोर्ड लगा है। यहां से विकास नगर की दूरी 49 किमी दर्शाई गई है। करीब डेढ़ किमी आगे चलने के बाद सीधे सात किमी कम हो गई। वहां लगे माइल स्टोन पर विकास नगर की दूरी 42 किमी अंकित है। जिले में इनके अलावा भी कई स्थानों पर लगे साइन बोर्ड इसी तरह राहगीरों को भ्रमित कर रहे हैं।
यह मामला जानकारी में नहीं है। इसका पता कराया जाएगा। यदि कहीं पर प्राधिकरण का साइन बोर्ड गलत है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- गजेंद्र कुमार, सचिव सहारनपुर विकास प्राधिकरण