कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ी अमरनाथ यात्रा, संकल्प टूटा तो श्रद्धालुओं में छाई मायूसी
- टूट गया संकल्प, तो श्रद्धालुओं में छाई मायूसी
- यात्रा रद्द होने से जिले के ट्रांसपोर्टरों को हुआ नुकसान
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तमाम ऐसे लोग हैं, जो कई साल से बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते अमरनाथ यात्रा रद्द होने से वह बाबा के दर्शन नहीं कर सकेंगे। इससे जहां श्रद्धालुओं में मायूसी छाई हुई है, वहीं ट्रांसपोर्टरों को भी कई लाख रुपये का नुकसान हो गया है। आगे जानें आखिर क्या कहती है बागपत जनपद से ये रिपोर्ट :-
ये बोले भक्त
मन उदास हो रहा
बड़ौत निवासी सुभाष बालियान ने कहा बीते 10 साल से प्रतिवर्ष बाबा के दर्शन को जाते रहे हैं। वह विगत वर्ष में किन्हीं परिस्थितियों में नहीं जा सके थे। तो मलाल हुआ था और अब कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा पर रोक लगा दी गई तो मन उदास हो रहा है।
मन को दुख हुआ
हरेंद्र सरोहा का कहना है कि आठ साल से बाबा के दर्शन को प्रतिवर्ष जा रहे हैं। बाबा के दर्शन पाकर मन को खुशी हुई थी, लेकिन इस बार यात्रा पर रोक लगाने से मन को दुख हुआ है।
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दर्शन की इच्छा मन में ही रह गई
जयवीर का कहना है कि चार वर्ष पूर्व संकल्प लिया था कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष जाएंगे, लेकिन दो साल से परिस्थितियों विपरीत बन रही है। बीते वर्ष धारा 370 हटाने पर यात्रा रोक दी थी और इस बार कोरोना का ग्रहण यात्रा में लग गया। दर्शन की इच्छा मन में ही रह गई।
प्रतिवर्ष बाबा के दर्शन का संकल्प टूटा
बड़ौत नीरज का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रतिवर्ष बाबा के दर्शन का संकल्प टूटा है। पिछले छह साल से वह बाबा के दर्शन के लिए जाते थे।
ये बोले ट्रांसपोर्टर
सिम्मी बस सर्विस के मालिक प्रवीण पंवार का कहना है कि हर साल उनकी तीन से चार बसे भरकर अमरनाथ यात्रा के लिए जाती थी, इससे अच्छी इनकम हो जाती थी, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से नुकसान उठाना पड़ा।
जय बालाजी बस सर्विस के मालिक ध्रुव का कहना है कि जुलाई माह में हर साल अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से नुकसान उठाना पड़ा।
शांति बस सर्विस के मालिक पवन मान ने बताया कि जनपद मेें हर साल अमरनाथ यात्रा के लिए सैकड़ों लोग जाते थे। पूरे जनपद से सौ से अधिक बसों में सवार होकर श्रद्धालु जाते हैं, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से काफी नुकसान उठाना पड़ा।