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अमर उजाला स्टिंग: सामने आई सीएमओ ऑफिस की सच्चाई, बिना जांच के बनाया मेडिकल सर्टिफिकेट

Thu, 08 Aug 2019 04:31 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 08 Aug 2019 04:31 AM IST
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Amar Ujala sting: Medical certificate is being made without checking in CMO office
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में सीएमओ ऑफिस में रिश्वतखोरी का खेल चलता है। 500 रुपये लेकर एक मिनट में बिना जांच के मेडिकल सर्टिफिकेट सौंप देते हैं। रिश्वतखोरी का पैसा कर्मचारियों से अधिकारियों तक बांटा जाता है। कर्मचारी वीडियो में बोल रहा है कि सर्टिफिकेट पैसे देकर बनता है।

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बुधवार शाम चार बजे थे। अमर उजाला संवाददाता मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सीएमओ ऑफिस में पहुंचा। कर्मचारी को सर्टिफिकेट का फार्म दिया। कर्मचारी बोला कि जिला अस्पताल में चेकअप कराना पडे़गा, उसके बाद ही सर्टिफिकेट बनेगा। यह संवाददाता वापस चला, तभी कर्मचारी बोला कि पैसा खर्च करो। अभी एक मिनट में सर्टिफिकेट बना दूंगा।

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कर्मचारी ने 500 रुपये की डिमांड की। संवाददाता ने पैसे कुछ कम करने की बात कही, जिस पर कर्मचारी बोला कि ऊपर तक पैसा बंटता है, इससे कम नहीं होगा। संवाददाता ने जैसे ही 500 रुपये कर्मचारी को दिए तो विजय नाम का कर्मचारी आगे-आगे और संवाददाता पीछे-पीछे चला।

वाकई एक मिनट में ही कर्मचारी ने मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर संवाददाता के हाथ में थमा दिया। सर्टिफिकेट में स्वास्थ्य अधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर भी कर्मचारी ने कराए। कर्मचारी विजय के इस खेल को संवाददाता ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।

कोई जांच नहीं, सर्टिफिकेट हाथ में
मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए देखा जाता है कि अभ्यर्थी फिट है या नहीं। नियमानुसार उसकी फिजिकल जांच होती है। डॉक्टर की सारी रिपोर्ट के बाद ही मेडिकल सर्टिफिकेट बनता है। यह चेकअप कराने के लिए अभ्यर्थी को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। लेकिन सीएमओ ऑफिस में तैनात कर्मचारी 500 रुपये लेकर बिना जांच के सर्टिफिकेट बनवाकर अभ्यर्थी को एक मिनट में सौंप देता है। 

जांच के बाद होगी कार्रवाई
मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जिला अस्पताल में अभ्यर्थी का चेकअप करना पड़ता है। कर्मचारी ने 500 रुपये लेकर सर्टिफिकेट बनाकर दिया है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - राजकुमार, सीएमओ

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