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अमर उजाला विशेष: फौजियों के गांव ने चुनीं शिक्षित महिला प्रधान, वंदना ने खास बातचीत में बताई विकास की ये बड़ी योजनाएं

Tue, 25 May 2021 05:13 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 25 May 2021 05:13 PM IST
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Amar Ujala Special Story: the village of soldiers has selected an educated woman, Vandana told many plans for development of village
वंदना का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

कोरोना महामारी ने ग्रामीणों का भी नजरिया बदल कर रख दिया है, जिसका असर पंचायत चुनाव में नजर आया। ग्रामीणों ने जात बिरादरी से ऊपर उठकर शिक्षित और युवाओं को गांव की कमान सौंपी है। इसका जीता जागता उदाहरण है गांव खेड़ा। फौजियों के गांव के नाम से मशहूर यहां के ग्रामीणों ने 26 वर्षीय वंदना पर भरोसा जताया और उन्हें प्रधान पद की जिम्मेदारी दी।



ग्राम खेड़ा करीब 10 हजार की आबादी वाली बड़ी ग्राम पंचायत है। यहां से प्रधान बनीं वंदना का राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। इसके बाद भी वह अपने पहले प्रयास में चुनीं गईं। पति कपिल सोम बीपीएसएल जेएसडब्लू ओडिशा में बतौर एजीएम (इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) कार्यरत हैं। प्रधान वंदना ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता गांव में कोरोना को फैलने से रोकना है। अब तक गांव में एक दर्जन लोग संक्रमित हैं। कई की मौत हो चुकी है। फिलहाल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर ही फोकस है। गांव में गलियों और तालाबों की सफाई कराई जा रही है। इसके बाद कच्चे मकानों में रह रहे गरीब परिवारों के लिए पक्के घर बनवाए जाएंगे। बच्चों के लिए खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उनकी सेहत पर ध्यान दिया जाएगा। गांव में डिग्री कॉलेज बनवाया जाएगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की भी योजना है।

Amar Ujala Special Story: the village of soldiers has selected an educated woman, Vandana told many plans for development of village
खेड़ा गांव। - फोटो : amar ujala

...यहां हर घर में एक फौजी
गांव खेड़ा को शहीदों के गांव के नाम से भी जाना जाता है। अब तक गांव के पांच फौजी देश की सरहदों पर शहीद हो चुके हैं। 1999 में कारगिल युद्ध में दीपक कुमार, 2000 में मेजर दिग्विजय सिंह, 1965 की जंग में नायक रामदास और 1971 में रामपाल सिंह शहीद हुए। गांव के तकरीबन हर घर का एक युवा देश की सुरक्षा में तैनात है। गांव के दोनों मुख्य मार्गों पर शहीद द्वार बने हैं। एक मेजर दिग्विजय सिंह द्वार और एक शहीद दीपक कुमार द्वार बना है।

Amar Ujala Special Story: the village of soldiers has selected an educated woman, Vandana told many plans for development of village
खेड़ा गांव। - फोटो : amar ujala

एक नजर में ग्राम पंचायत 
ग्राम पंचायत : खेड़ा
आबादी : 10,000
कुल मतदाता : 5804
कुल वोट पडे़ : 3975 

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Amar Ujala Special Story: the village of soldiers has selected an educated woman, Vandana told many plans for development of village
गांव खेड़ा। - फोटो : amar ujala

प्रधान की प्राथमिकताएं
- गांव के तालाबों की भूमि कब्जा मुक्त कराकर उनकी सफाई कराना।
- कच्चे मकान में रह रहे गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाना।
- बच्चों के लिए खेलकूद के साधन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।

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वंदना का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

परिचय
नाम : वंदना देवी
उम्र : 26 वर्ष
शिक्षा : स्नातक, बीटीसी
राजनैतिक जीवन : पहली बार चुनाव लड़ा

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