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राहत: कम हो रहा ब्लैक फंगस का साया, 143 लोगों ने हराया, पढ़िए खास रिपोर्ट

Thu, 10 Jun 2021 01:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 10 Jun 2021 01:41 PM IST
सार

मेरठ में ब्लैक फंगस का खतरा लगातार कम हो रहा है। यहां अब तक 143 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

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Amar Ujala Special Report: Black fungus menace reduced in Meerut and now 143 patients have been cured
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में ब्लैक फंगस का खौफ भी कम होने के संकेत हैं। मरीजों की संख्या कम होने के साथ ही स्वस्थ होने वालों की तादाद बढ़ रही है। बुधवार रात तक जिले में ब्लैक फंगस के शिकार 143 लोग इसे हरा चुके हैं। कोई सर्जरी तो कोई दवा से ही ठीक हो गया है। फिलहाल, जिले में 109 सक्रिय केस हैं। 

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जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 274 मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती हुए, जिनमें 22 की मौत हो चुकी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज, आनंद और न्यूटिमा समेत अन्य अस्पतालों से 135 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। कई मरीजों की आंख की रोशनी भी गई है। छह हफ्ते तक इनकी निगरानी कर दवाएं चलाई जा रही हैं, ताकि वायरस दोबारा हावी न हो। 
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मेडिकल कॉलेज के कोविड ब्लाक प्रभारी डॉ. धीरज राज का कहना है कि ब्लैक फंगस से मौत के मुकाबले मरीजों में रिकवरी बेहतर है। उनके यहां 182 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 75 की छुट्टी हो चुकी है। 92 का उपचार चल रहा है। उधर, 16 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी कर चुके आनंद अस्पताल के डॉ. पुनीत भार्गव और मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह कहते हैं कि अगर बीमारी शुरुआती चरण में ही पकड़ ली जाए और सही इलाज हो तो मरीज स्वस्थ हो सकता है। 
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इन लक्षणों का रखें खास ध्यान
कोरोना के साथ या इसके बाद चेहरे पर विशेषकर आंख के नीचे और नाक के बगल में दर्द के साथ सूजन होने पर सावधान होने की जरूरत है। ब्लैक फंगस चेहरे, नाक, आंख या मस्तिष्क को प्रभावित करने के साथ फेफड़ों में भी फैल सकता है। यह फंगस हमारे आसपास ही होते हैं। सांस के साथ हम इसे अंदर लेते हैं। प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने से यह बाहर निकल जाता है। कमजोर इम्यूनिटी पर ये फंगस शरीर में रुक कर चेहरे और जबड़े की हड्डियों के सहारे मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं। 

केस स्टडी-1
मेडिकल कॉलेज से ब्लैक फंगस का इलाज कराकर निकला युवक अब खुश है। आंख में सूजन आ गई थी। सर्जरी करनी पड़ी। कोरोना के बाद बाद ब्लैक फंगस ने चपेट में लिया था। 

केस स्टडी-2 
आनंद अस्पताल में आंख की सर्जरी हुई। सफेद और काला दोनों फंगस थे। युवक अब ठीक है। हालांकि दवाएं अभी चल रही हैं। ऑपरेशन कर इसके दोनों फंगस साफ किए गए थे।

आंकड़े एक नजर में 
अस्पताल          छुट्टी
मेडिकल            80
आनंद               24
लोकप्रिय           08
न्यूटिमा             07
जसवंतराय        08
मेरठ किडनी      05
जेपी हेल्थ केयर  02
केएमसी            02
होप                  02
साईं                  01
सुभारती            01
मेडविन             01 
अपुसनोवा        01 
दयानंद            01

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