खास रिपोर्ट: हस्तिनापुर में अठखेलियां करेंगे बारहसिंगा... बनेगा प्रजनन केंद्र, वन विभाग ने शुरू की तैयारी
Meerut News : बारहसिंगा अब हस्तिनापुर में अठखेलियां करेंगे। शासन ने मेरठ में प्रजनन केंद्र बनाने की योजना बनाई है। वहीं, मुख्य सचिव के निर्देश पर वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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नेपाल के साथ ही उत्तर और मध्य भारत में पाए जाने वाले बारहसिंगा अब हस्तिनापुर में अठखेलियां करेंगे। शासन ने मेरठ में प्रजनन केंद्र बनाने की योजना बनाई है। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 2 से 3 हेक्टेयर जमीन तलाशी जा रही है। वन विभाग एक माह में रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगा।
शासन ने हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य का नाम जून में बदलकर राज्य वन्यजीव बारहसिंगा अभ्यारण्य कर दिया था। बुधवार को लखनऊ में ईको सेंसिटिव जोन की सीमाओं के निर्धारण को लेकर हुई बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वन विभाग के अधिकारियों को ब्रीडिंग केंद्र बनाने के निर्देश दिए। मेरठ पहुंचे अधिकारियों ने योजना बनानी शुरू कर दी है। हस्तिनापुर में इसके लिए 2.5 हेक्टेयर जमीन तलाश की जाएगी।
इसमें बारहसिंगा के रहने, खाने और उनके प्रजनन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी। मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा सभी जिलों से बारहसिंगा को लाकर हस्तिनापुर में प्रजनन केंद्र में रखा जा सकेगा। वन विभाग की ओर से पिछले वर्षों में की गई गणना के अनुसार बारहसिंघा की संख्या 160 है, लेकिन एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या कहीं अधिक मानी जा रही है।
रेस्क्यू सेंटर का कार्य भी 2024 तक हो जाएगा पूरा
हस्तिनापुर में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर का भी कार्य तेजी से चल रहा है, जो आधा पूरा हो चुका है। रेस्क्यू सेंटर और बारहसिंगा ब्रीडिंग केंद्र दोनों एक साथ होने से जीवों के संरक्षण का कार्य ठीक प्रकार से हो पाएगा। रेस्क्यू सेंटर में अस्पताल व बाउंड्री वाल का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है।
हस्तिनापुर में बारहसिंगा ब्रीडिंग केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन तलाशी जा रही है। एक माह में प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। - गंगा प्रसाद, वन संरक्षक
अभ्यारण्य के पुनर्गठन के बाद आधी रह गई सीमा
हस्तिनापुर अभयारण्य क्षेत्र से 200 से ज्यादा गांव बाहर होने के बाद इसके इको सेंसेटिव जोन के गठन का काम तेजी से चल रहा है। हस्तिनापुर वन्य जीव विहार की पहली अधिसूचना वर्ष 1986 में की गई थी। मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, हापुड़ में इसकी सीमाएं फैली हुई हैं। इसी वर्ष की शुरुआत में इसकी नई सूचनाओं की अधिसूचना का प्रख्यापन हो गया। सबसे ज्यादा बिजनौर के 170 गांव इसकी सीमा से बाहर हो गए और अब मात्र बिजनौर और चांदपुर तहसील के मात्र 142 गांव ही इस सीमा के अंदर रह गए हैं।
नए परिसीमन में अभ्यारण्य में जिलों का भूभाग
जिला गांव क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
मेरठ 114 36510
हापुड़ 22 5447
मुजफ्फरनगर 108 29743
बिजनौर 142 24656
अमरोहा 71 19558
कुल 457 115916