फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Special Report: 400 crore spent on drinking water scheme but no arrangement of Ganga water in the Meerut

यूपी: 400 करोड़ खर्च, फिर भी शहर का कंठ सूखा, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Thu, 03 Sep 2020 01:42 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 03 Sep 2020 01:42 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Special Report: 400 crore spent on drinking water scheme but no arrangement of Ganga water in the Meerut
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - फोटो : अमर उजाला

भूमिगत पानी का बेतरतीब दोहन रोकने और शहरवासियों को गंगाजल पिलाने के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत वर्ष 2016-17 अमल में लाई गई मेरठ पेयजल योजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च के बावजूद शहरवासियों के कंठ सूखे पड़े हैं। अपर गंग नहर स्थित भोला की झाल पर बना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बताने को तो 100 एमएलडी का है, लेकिन 35 एमएलडी गंगाजल की ही आपूर्ति हो रही है। 

विज्ञापन


केंद्र सरकार से धन मिलने के बावजूद आज तक योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। योजना में बनाए गए नौ भूमिगत जलाशयों में से पांच जलाशय आज तक पाइप लाइन से नहीं जोड़े जा सके हैं। शहर के अधिकतर हिस्सों तक पानी पहुंचाने के लिए सर्किट हाउस, शर्मा स्मारक, टाउन हाल, विकासपुरी, नौचंदी ग्राउंड, शास्त्रीनगर, गोला कुआं, माधवपुरम और बच्चा पार्क में नौ भूमिगत जलाशय (जोनल पंपिंग स्टेशन) बनाए थे। इनमें से सर्किट हाउस, शर्मा स्मारक, टाउन हाल और विकासपुरी के जलाशय तो गंगाजल से भर रहे हैं, लेकिन शास्त्रीनगर, नौचंदी ग्राउंड, बच्चा पार्क, माधवपुरम और गोला कुआं पंपिंग स्टेशनों को आज तक नहीं जोड़ा जा सका है। जिस कारण एक बहुत बड़ी आबादी तक गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। योजना पर करोड़ों रुपये खर्चने के बावजूद शहर में 157 नलकूप, 57 ओवर हेड टंकी और 3000 सबमर्सिबलों के जरिये भूमिगत पानी की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी में फिर उठे मुठभेड़ पर सवाल, चस्पा किए 'मकान बिकाऊ है' के पोस्टर, दी पलायन की चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


महानगर में ये हैं निगम के जल संसाधन 
पानी की मांग                      300 एमएलडी
गंगाजल की आपूर्ति              35 एमएलडी
नलकूप                              157
10 एचपी सबमर्सिबल           500
वन एचपी सबमर्सिबल           3000
हैंडपंप                               10 हजार
निजी सबमर्सिबल                10 हजार

डीपीआर भेजी है 
2027 को ध्यान में रखकर 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। मांग के अनुसार ही प्लांट से गंगाजल की आपूर्ति बढ़ाई जानी है। लाइन से कनेक्ट होने से बचे पांच जोनल पंपिंग स्टेशनों को फिलहाल नलकूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इन्हें जोड़ने के लिए बनाई गई डीपीआर शासन को भेजी गई है। - रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश जल निगम

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed